करमसद-आणंद महानगरपालिका की हेल्पलाइन पर उठे सवाल
POLITICAL
6/24/20261 min read


करमसद-आणंद महानगरपालिका की हेल्पलाइन पर उठे सवाल, मेयर दीपिकाबेन पटेल द्वारा जारी नंबर पर कई कॉल के बावजूद नहीं मिला जवाब
आणंद: मानसून के दौरान शहर में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और अन्य नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए करमसद-आणंद महानगरपालिका द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था। मेयर दीपिकाबेन पटेल ने नागरिकों से अपील की थी कि वे किसी भी समस्या की स्थिति में इस हेल्पलाइन पर संपर्क करें। हालांकि अब इसी हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के पानी के भराव और गटर की समस्याओं को लेकर हेल्पलाइन नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश कॉल का कोई जवाब नहीं मिला। इससे नागरिकों में नाराजगी और असंतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
लोगों का कहना है कि जब महानगरपालिका स्वयं समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करती है, तो उसका सक्रिय और प्रभावी रूप से संचालित होना भी आवश्यक है। लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के कई इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे वाहन चालकों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में हेल्पलाइन सेवा से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नागरिकों के अनुसार अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।
इस पूरे मामले ने नगर प्रशासन की तैयारियों और शिकायत निवारण प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि आपात स्थिति में भी हेल्पलाइन पर संपर्क नहीं हो सके, तो ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है।
अब लोगों की मांग है कि महानगरपालिका इस मामले की जांच करे, हेल्पलाइन सेवाओं को अधिक सक्रिय बनाए और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय करे।
मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाई गई हेल्पलाइन तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उस पर आने वाली शिकायतों का समय पर जवाब और समाधान सुनिश्चित किया जाए। फिलहाल इस मुद्दे पर महानगरपालिका प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
