
Ahmedabad Crime News: अहमदाबाद में लोकल क्राइम ब्रांच जोन-3 ने कालूपुर में हुई 75 लाख रुपये की ठगी की वारदात का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पृथ्वीराज कोठारी के नाम से फर्जी पहचान बनाकर आंगड़िया फर्म से 75 लाख रुपये की रकम हासिल करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले भी करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
फोन पर फर्जी पहचान बताकर रची ठगी की साजिश
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के हैदराबाद में रहने वाले शिकायतकर्ता रोहितकुमार जैन को 8 जुलाई को एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने अपनी पहचान पृथ्वीराज कोठारी के रूप में बताई और रोहितकुमार को विश्वास में लेकर हैदराबाद से अहमदाबाद के कालूपुर में 75 लाख रुपये की आंगड़िया राशि भेजने के लिए कहा।
इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों की पहचान अशोक जैन और बाबू के रूप में बताकर रकम लेने की व्यवस्था की। रोहितकुमार ने कालूपुर स्थित आर. गणेश आंगड़िया फर्म के जरिए 75 लाख रुपये भेजे।
रकम पहुंचने के बाद बाबू के नाम से पहुंचे आरोपी ने पैसे अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद गिरोह के तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए।
पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 12 अगस्त को राजस्थान निवासी मोडसिंग उर्फ विक्रमसिंग राजपुरोहित और बनासकांठा निवासी भरतगिरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बाबू के नाम से 75 लाख रुपये लेने वाला आरोपी भरतगिरी था, जबकि अशोक जैन के नाम से इस्तेमाल की गई फर्जी पहचान के पीछे दिलीप वैष्णव नामक व्यक्ति होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 25 लाख रुपये नकद और 5 मोबाइल फोन समेत कुल 25.52 लाख रुपये का मुद्देमाल बरामद किया है।
मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मोडसिंग का पहले से ही लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ कालूपुर, गुजरात यूनिवर्सिटी, सैटेलाइट और वस्त्रापुर समेत अलग-अलग पुलिस थानों में 18 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में सामने आई है।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और 75 लाख रुपये की पूरी रकम के संबंध में आगे की जांच कर रही है।



