अहमदाबाद RTO में AI ड्राइविंग टेस्ट का एक महीना पूरा, फोर-व्हीलर में सिर्फ 17% पास; जानिए सबसे ज्यादा कहां हो रही गलती

Ahmedabad RTO News: अहमदाबाद RTO में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ADTS) शुरू हुए करीब एक महीना पूरा हो गया है। 13 जुलाई से शुरू हुई इस व्यवस्था में ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह AI तकनीक से लिया जा रहा है, जिसके चलते आवेदक की छोटी से छोटी गलती भी सिस्टम पकड़ लेता है। एक महीने के आंकड़ों में फोर-व्हीलर और टू-व्हीलर के टेस्ट रिजल्ट में बड़ा अंतर सामने आया है।

फोर-व्हीलर में 80% से ज्यादा आवेदक फेल

अहमदाबाद RTO में अब तक LMV यानी फोर-व्हीलर के 2,060 ड्राइविंग टेस्ट लिए गए हैं। इनमें 358 आवेदक पास और 1,702 फेल हुए हैं। यानी फोर-व्हीलर में पास होने का प्रतिशत करीब 17.38% रहा।

दूसरी ओर, टू-व्हीलर में पास होने वालों का अनुपात काफी बेहतर है।

टू-व्हीलर में 73% आवेदक पास

अब तक 3,456 टू-व्हीलर टेस्ट लिए गए हैं। इनमें 2,548 आवेदक पास हुए हैं। यानी पास होने का प्रतिशत करीब 73.73% है।

नोट: दिए गए मूल आंकड़ों में टू-व्हीलर के फेल होने वालों की संख्या 1,702 लिखी गई है, जो कुल 3,456 से मेल नहीं खाती। 2,548 पास होने पर शेष 908 आवेदक फेल होते हैं।

रोजाना 100 से ज्यादा फोर-व्हीलर और 160-180 टू-व्हीलर टेस्ट

अहमदाबाद RTO में रोजाना लगभग 100 से 110 फोर-व्हीलर और 160 से 180 टू-व्हीलर ड्राइविंग टेस्ट लिए जा रहे हैं। टोकन सिस्टम के जरिए आवेदकों का टेस्ट कराया जाता है।

RTO अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के दौरान भी एक-दो मामलों को छोड़कर AI ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक सामान्य रूप से संचालित होता रहा है।

फोर-व्हीलर में सबसे ज्यादा गलती कहां होती है?

AI टेस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, फोर-व्हीलर टेस्ट में फेल होने वाले करीब 80% आवेदकों की गलती पैरेलल पार्किंग के दौरान सामने आती है।

यानी ड्राइविंग का सामान्य ज्ञान होने के बावजूद कई आवेदक पैरेलल पार्किंग के दौरान वाहन को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाते।

टू-व्हीलर में आखिरी टर्न पर सबसे ज्यादा गलती

टू-व्हीलर टेस्ट में करीब 85% फेल आवेदक आखिरी टर्न के पास ‘फुट डाउन’ होने के कारण टेस्ट में असफल होते हैं।

AI सिस्टम के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ना या पैर जमीन पर रखना जैसी छोटी गलती भी रिकॉर्ड हो जाती है।

आखिर क्यों फेल हो रहे हैं इतने आवेदक?

RTO अधिकारियों के अनुसार इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण सामने आए हैं:

  • टेस्ट के दौरान पर्याप्त ध्यान नहीं देना
  • टेस्ट से पहले दिखाए जाने वाले डेमो वीडियो को ठीक से नहीं देखना
  • फोर-व्हीलर चलाने की पर्याप्त प्रैक्टिकल स्किल के बिना टेस्ट देने पहुंचना

टेस्ट से पहले आवेदकों को पूरा डेमो वीडियो दिखाया जाता है, लेकिन कई बार आवेदक वीडियो देखने के दौरान मोबाइल में व्यस्त रहते हैं या केवल औपचारिकता के तौर पर वीडियो देखते हैं। इसके बाद वास्तविक टेस्ट में छोटी-छोटी गलतियां होने से उन्हें असफल घोषित कर दिया जाता है।

AI ड्राइविंग टेस्ट ने बढ़ाई जवाबदेही

AI आधारित टेस्ट सिस्टम का उद्देश्य ड्राइविंग टेस्ट को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। अब मैनुअल टेस्ट की तुलना में वाहन की पार्किंग, टर्निंग, संतुलन और अन्य निर्धारित मानकों का तकनीकी तरीके से मूल्यांकन किया जा रहा है।