
Air India Orders Mandatory Drug Screening: एयर इंडिया ने एक कथित ‘गांजा कांड’ के बाद अपने ग्रुप के सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है। इस जांच के तहत प्रतिबंधित पदार्थों और कुछ दवाओं के सेवन की जांच की जाएगी। एयर इंडिया के अनुसार, पायलटों की ट्रेनिंग और उड़ान के बाद भी स्क्रीनिंग की जाएगी।
यह जांच गुरुग्राम अकादमी, फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर और अलग-अलग बेस लोकेशन पर की जाएगी। एयर इंडिया का कहना है कि भारत में DGCA द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानक यूरोप और अमेरिका के मानकों के अनुरूप हैं।
घटना के बाद एयर इंडिया ने उठाया बड़ा कदम
एयर इंडिया का कहना है कि वह पहले से ही DGCA के सभी निर्धारित नियमों का पालन करती है। हालांकि, अब यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने मौजूदा नियमों से एक कदम आगे बढ़कर अपने सभी पायलटों की स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है।
कंपनी के मुताबिक, इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और एयर इंडिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना है।
आखिर क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
यह मामला 4 अगस्त की दिल्ली-फुकेत फ्लाइट AI2379 से जुड़ा है। फुकेत से दिल्ली लौटते समय विमान में तेज टर्बुलेंस की घटना सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक, विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था।
इस दौरान मुख्य पायलट के कॉकपिट के फर्श पर गिरने की बात सामने आई। घटना में 15 से अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।
रिपोर्ट्स में एक पायलट द्वारा कथित तौर पर गांजा सेवन किए जाने का दावा किया गया है। इस संबंध में एक क्रू मेंबर की ओर से शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, सीट से जुड़े प्रोटोकॉल को लेकर पायलट और एक केबिन क्रू सदस्य के बीच कथित विवाद भी हुआ था। फुकेत पहुंचने के बाद भी दोनों के बीच तनाव जारी रहने की बात कही गई है।
11 अगस्त को CEO ने नागरिक उड्डयन सचिव से की मुलाकात
11 अगस्त को एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने AI2379 की घटना के बाद एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया था।
अब सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग के फैसले को एयरलाइन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



