
World News: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। हालात को गंभीर बताते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के वरिष्ठ अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल राहत और सहायता बढ़ाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण की रफ्तार राहत कार्यों से भी अधिक तेज है।
24 घंटे में 50 मौतें, तेजी से बढ़ रहे मामले
संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ इबोला समन्वयक जूलियन हार्निस और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने कांगो के इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया से वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्थिति की गंभीरता पर चिंता जताई।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इबोला से 50 लोगों की मौत हुई है। उनका कहना है कि संक्रमण के मामले हर 20 दिन में दोगुने हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।
भूख और बीमारी का दोहरा संकट
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पूर्वी कांगो लंबे समय से आंतरिक संघर्ष से जूझ रहा है। ऐसे में अब इबोला के प्रकोप ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार:
- करीब 1 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
- इतुरी प्रांत में लगभग 20 लाख लोगों को तत्काल खाद्य सहायता की आवश्यकता है।
- बीमारी और भूखमरी ने लाखों लोगों की स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
UN ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की अपील
यूएन अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिक वित्तीय सहायता, दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सा टीमों और राहत सामग्री की तत्काल आवश्यकता है।
जूलियन हार्निस ने देशों से अपील की कि वे अपनी सीमाएं खुली रखें ताकि राहतकर्मी और आवश्यक चिकित्सा सामग्री बिना किसी बाधा के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सके।
फंड की भारी कमी
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता योजना के तहत कांगो के लिए 2.1 अरब डॉलर की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल 45 प्रतिशत फंडिंग ही उपलब्ध हो सकी है।
वहीं, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बताया कि अगले छह महीनों में केवल लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही 7.6 करोड़ डॉलर की तत्काल जरूरत है। इसमें खाद्य सामग्री की लागत शामिल नहीं है।
