
Gujarat Monsoon 2026: गुजरात में अब तक मानसून सीजन के दौरान 23.50 इंच यानी औसतन 68.58% बारिश दर्ज की जा चुकी है। राज्य के 38 तालुकों में सामान्य से 100% या उससे अधिक वर्षा हो चुकी है, जबकि 84 तालुकों में अब तक 50% बारिश भी नहीं हुई है। सबसे अधिक वर्षा वलसाड जिले में 98.50 इंच, जबकि सबसे कम देवभूमि द्वारका जिले में केवल 2.05 इंच दर्ज की गई है।
कपराडा में सबसे ज्यादा 129 इंच बारिश
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार:
- दक्षिण गुजरात में सबसे अधिक 95% वर्षा दर्ज हुई है।
- कच्छ में सबसे कम 5.56 इंच बारिश हुई है।
- उत्तर गुजरात में 14.40 इंच यानी औसतन 50% वर्षा दर्ज की गई है।
राज्य के 35 तालुकों में 40 इंच से अधिक और 77 तालुकों में 20 से 40 इंच के बीच वर्षा रिकॉर्ड की गई है। एक ओर कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, वहीं कुछ जिलों और तालुकों में अब भी वर्षा की भारी कमी बनी हुई है।
इन इलाकों में सबसे कम बारिश
- देवभूमि द्वारका: 2.05 इंच (6.24%)
- कच्छ: 5.56 इंच (28.30%)
तालुका स्तर पर:
- द्वारका: 0.60 इंच
- कल्याणपुर: 1.20 इंच
- अब्दासा (कच्छ): 1.77 इंच
इन क्षेत्रों में कम वर्षा के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति
पिछले वर्ष 2 अगस्त तक गुजरात में मानसून की 63% बारिश दर्ज हुई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 68.58% पहुंच गया है।
पिछले साल 40 इंच से अधिक वर्षा वाले 25 तालुके थे, जबकि इस वर्ष उनकी संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
पिछले वर्ष 2 अगस्त तक क्षेत्रवार वर्षा:
- कच्छ: 64.16%
- उत्तर गुजरात: 65.47%
- पूर्व-मध्य गुजरात: 65%
- सौराष्ट्र: 55%
- दक्षिण गुजरात: 67%
इस वर्ष दक्षिण गुजरात में अच्छी वर्षा हुई है, जबकि कच्छ और देवभूमि द्वारका जैसे क्षेत्रों में अब भी सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है।



