
Gujarat University Grade 2 Autonomy: गुजरात यूनिवर्सिटी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने गुजरात यूनिवर्सिटी को आधिकारिक तौर पर ग्रेड-2 स्वायत्तता (Grade-2 Autonomy) प्रदान कर दी है। इसके साथ ही गुजरात यूनिवर्सिटी यह दर्जा हासिल करने वाली राज्य की पहली सरकारी यूनिवर्सिटी बन गई है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय को शैक्षणिक और प्रशासनिक स्तर पर अधिक स्वतंत्रता मिलेगी तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
स्वतंत्र रूप से ले सकेगी शैक्षणिक फैसले
गुजरात यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता ने इस स्वायत्तता के लिए प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे अब UGC की मंजूरी मिल गई है। इस दर्जे के बाद विश्वविद्यालय अपने स्तर पर नए कौशल आधारित (स्किल) पाठ्यक्रम शुरू कर सकेगा, विदेशी फैकल्टी की नियुक्ति कर सकेगा तथा ऑफ-कैंपस और नए शैक्षणिक कार्यक्रम स्वतंत्र रूप से संचालित कर सकेगा।
युगांडा में कैंपस खोलने की तैयारी
स्वायत्तता मिलने के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी ने विदेश में अपना पहला कैंपस स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। विश्वविद्यालय अफ्रीकी देश युगांडा में अपना ऑफ-कैंपस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब केवल सुरक्षा जमा (Security Deposit) और कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं।
NAAC ग्रेड और रैंकिंग का मिला लाभ
ग्रेड-2 स्वायत्तता प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय को UGC द्वारा निर्धारित कई मानकों को पूरा करना पड़ा। विश्वविद्यालय के पास NAAC का A+ ग्रेड है और राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में भी उसे शीर्ष 100 संस्थानों में स्थान मिल चुका है। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर UGC ने यह स्वायत्तता प्रदान की है।
छात्रों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का लाभ
इस स्वायत्तता के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, आधुनिक शिक्षा और वैश्विक अवसरों का लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय को नए कोर्स शुरू करने, विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।



