
Gujarat Education News: गुजरात सरकार ने कक्षा 1 में प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों (DPEO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य की किसी भी स्कूल में कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बालवाटिका या प्री-स्कूल का प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं होगा।
प्री-स्कूल सर्टिफिकेट नहीं होने पर प्रवेश से इनकार नहीं किया जा सकता
सरकार के संज्ञान में आया था कि कई निजी स्कूल पहली कक्षा में प्रवेश के समय बच्चों से प्री-स्कूल या बालवाटिका का प्रमाणपत्र मांग रहे थे। प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने पर कई अभिभावकों को प्रवेश देने से मना कर दिया जाता था।
इस पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम की धारा 14 के तहत किसी भी बच्चे का प्रवेश केवल प्री-स्कूल प्रमाणपत्र न होने के आधार पर नहीं रोका जा सकता।
जन्म प्रमाणपत्र और निर्धारित आयु ही होगी आधार
सरकारी निर्देश के अनुसार, कक्षा 1 में प्रवेश के लिए केवल—
- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) और
- निर्धारित आयु सीमा
को ही आधार माना जाएगा। किसी भी स्कूल को अतिरिक्त रूप से प्री-स्कूल या बालवाटिका का प्रमाणपत्र मांगने का अधिकार नहीं है।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करते हुए प्री-स्कूल प्रमाणपत्र अनिवार्य बनाएगा या उसके अभाव में प्रवेश देने से इनकार करेगा, तो इसे RTE अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा।
ऐसे मामलों में संबंधित DEO और DPEO को संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही राज्य की सभी सरकारी और निजी स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।
