
Morbi Farmer Protest: गुजरात के मोरबी जिले में खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों और बिजली के खंभों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। जेतपर गांव से शुरू हुआ यह विरोध अब जिले के कई अन्य गांवों तक पहुंच गया है। किसानों का आरोप है कि वे लंबे समय से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
जेतपर से शुरू हुआ आंदोलन, 29 गांवों तक पहुंचा
सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। आंदोलन की शुरुआत जेतपर गांव से हुई, जहां गांव में बैनर लगाकर आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं से वोट मांगने के लिए गांव में नहीं आने की चेतावनी दी गई।
देखते ही देखते यह विरोध तेजी से फैल गया और महज दो दिनों के भीतर मोरबी जिले के 29 गांवों में भाजपा नेताओं के प्रवेश और चुनाव प्रचार के विरोध में बैनर लगाए गए।
इन गांवों में लगाए गए बहिष्कार के बैनर
जेतपर के अलावा वाधपर, जीकियारी, विशालनगर, खीरई, रोहीशाला, शापर, जसमतगढ़, रंगपर, बेला, पीपली, लक्ष्मीनगर, नया सादुलका, भरतनगर, धरमपुर, टिंबली, हरिपर, केराला, भक्तिनगर, कुंभारिया, रवापर (नदी), दादाश्रीनगर, रोटरीगाम (अमरनगर), कृष्णनगर, गुंगण, गाला, पीलुड़ी, नया देवळिया और जबलपुर सहित कुल 29 गांवों में विरोध स्वरूप बैनर लगाए गए हैं।
मुआवजे की मांग पर अड़े किसान
किसानों का कहना है कि खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों और खंभों के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन और सरकार के समक्ष मांग रखने के बावजूद उचित मुआवजा नहीं दिया गया। इसी के विरोध में किसानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है।



