
Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में बड़ा हादसा हो गया। टनल के अंदर अचानक मलबा और पानी आने से कई मजदूर फंस गए। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, 22 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 7 मजदूरों की मौत हुई है और 11 लोग घायल हैं। करीब 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
टनल के अंदर अचानक आया मलबा और पानी
जानकारी के मुताबिक, हादसा पीपलकोटी स्थित हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में हुआ। टनल के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक बड़ी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा अंदर आ गया। इससे वहां काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर अंदर फंस गए।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। टनल से मजदूरों को बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
SDRF और NDRF की टीमें मौके पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए SDRF और NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। मशीनों की मदद से टनल के अंदर जमा मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही पानी निकालने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं।
हालांकि, टनल के अंदर लगातार मलबा और पानी आने की वजह से बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास कर रही है।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
रेस्क्यू किए गए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मृतकों और घायलों में उत्तराखंड के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की स्थिति की समीक्षा
हादसे की जानकारी मिलने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत लगाने और टनल में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
चमोली में भारी बारिश से भी बढ़ी मुश्किलें
चमोली क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण पहाड़ी नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कई स्थानों पर अचानक पानी का बहाव बढ़ने और मलबा आने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश और पहाड़ी इलाके की चुनौती के बीच टनल में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता अब भी लापता मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।



