
Millipede Infestation In Amreli: अमरेली जिले के सावरकुंडला और खांभा तहसील के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से मिलीपेड यानी ‘कांउसी इल्लियों’ का भारी प्रकोप देखने को मिल रहा है। मितियाला, कृष्णगढ़, साकरपरा, नानुड़ी भाड़ समेत कई गांवों में लाखों-करोड़ों की संख्या में दिखाई दे रहे मिलीपेड अब खेतों और खुले इलाकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों के घरों में भी घुस रहे हैं। दीवारों, छत, नलियों और घरेलू सामान पर बड़ी संख्या में मिलीपेड नजर आने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
चार साल से लगातार बढ़ रही समस्या
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले करीब चार वर्षों से यह समस्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि इस बार मिलीपेड की संख्या बेहद ज्यादा होने से ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं।
लोगों को घर में कदम रखने से पहले जमीन देखनी पड़ती है और बैठने या खाना खाने से पहले जगह साफ करनी पड़ती है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ परिवारों के लिए जमीन पर बैठकर खाना भी मुश्किल हो गया है। मिलीपेड से बचने के लिए ग्रामीणों को खाट पर बैठकर खाना खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
खाद्य सामग्री, अनाज और रोजमर्रा की जरूरी चीजों को भी जमीन से ऊंचाई पर रखना पड़ रहा है। घर के एक हिस्से से मिलीपेड हटाने के बाद दूसरे हिस्से में उनकी बड़ी संख्या दिखाई देने लगती है। दीवारों और छतों पर रेंगते मिलीपेड के कारण बच्चों और बुजुर्गों में भी डर का माहौल है।
पहाड़ों की खुदाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
इस समस्या के मूल कारण को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। हालांकि मितियाला समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग पहाड़ियों की लगातार खुदाई, मिट्टी-पत्थर के खनन और जेसीबी के कथित बेतहाशा इस्तेमाल को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से रहने वाले जीव-जंतुओं का आवास लगातार प्रभावित हो रहा है। पहाड़ियों की अंधाधुंध खुदाई और जमीन की संरचना में बदलाव के कारण इन जीवों के प्राकृतिक आवास में व्यवधान पैदा हुआ हो सकता है, जिसके चलते वे मानव बस्तियों की ओर आ रहे हों।
हालांकि वैज्ञानिक जांच के बिना मिलीपेड के प्रकोप का सीधा कारण खनन को बताना उचित नहीं होगा। इसके लिए वन विभाग, कृषि विशेषज्ञों और कीट-विज्ञान विशेषज्ञों की संयुक्त जांच जरूरी है, ताकि इस असामान्य प्रकोप के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।



