
Surat Ragging Case Dr. Sumaiya Mulla Allegations: सूरत में डॉ. हर्ष पंड्या आत्महत्या और रैगिंग मामले के बाद माइक्रोबायोलॉजी विभाग की HOD डॉ. सुमैया मुल्ला को 90 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद कुछ पूर्व छात्रों ने डॉ. सुमैया मुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का दावा है कि उनके साथ कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना की गई और धार्मिक गतिविधियों को लेकर दबाव बनाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
कमरे में ले जाकर नमाज पढ़ाने का आरोप
एक पूर्व रेजिडेंट छात्रा ने अपना अनुभव बताते हुए आरोप लगाया कि रेजिडेंसी के दौरान उसे एक कमरे में ले जाकर नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। छात्रा के अनुसार, उससे वजू करने के तरीके का पालन करने के लिए भी कहा जाता था।
छात्रा ने दावा किया कि कथित मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण वह इतनी परेशान हो गई थी कि उसके मन में आत्महत्या का विचार तक आया। हालांकि, परिवार, दोस्तों और सहयोगी स्टाफ के समर्थन के कारण उसने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।
परीक्षा के दौरान वीडियो बनाने और करियर प्रभावित करने का आरोप
पूर्व छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. सुमैया मुल्ला के कारण उसकी MD की पढ़ाई एक साल देर से पूरी हुई।
उसके मुताबिक, परीक्षा के दौरान अन्य स्टाफ को बाहर भेजकर डॉ. सुमैया खुद मौजूद रहती थीं और कथित तौर पर छात्रा का वीडियो बनाती थीं। छात्रा का यह भी दावा है कि एक समय उसे छह महीने के लिए डिटेन कर फेल कर दिया गया था।
इसके अलावा, छात्रा ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों से कथित तौर पर उनकी निजी लैब से जुड़े काम भी करवाए जाते थे।
‘हिंदू धर्म खत्म हो जाएगा, मुस्लिम बन जाओ’ का आरोप
एक अन्य कथित घटना का जिक्र करते हुए पूर्व छात्रा ने दावा किया कि डॉ. सुमैया मुल्ला हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती थीं।
छात्रा के अनुसार, एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक अन्य महिला से कथित तौर पर कहा था कि धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बन जाओ, हिंदू धर्म में कुछ नहीं बचा और यह जल्द खत्म हो जाएगा।
यह बयान फिलहाल छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में सामने आया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
90 दिन का निलंबन, छात्रों ने मांगी कड़ी कार्रवाई
छात्रों का आरोप है कि डॉ. सुमैया मुल्ला के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन हर बार वह जांच से बच निकलती थीं। छात्रों ने 90 दिनों के निलंबन को अपर्याप्त बताते हुए मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
धर्म परिवर्तन को लेकर भी दावा
मामले से जुड़े कुछ लोगों की ओर से यह दावा भी किया जा रहा है कि डॉ. सुमैया मुल्ला का पहले नाम ‘वीणा’ था और विवाह के बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया। हालांकि, इस व्यक्तिगत दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
इस पूरे मामले में छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बीच अब जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।



