
Rahul Gandhi: दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने स्थित DCP कार्यालय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहुंचे। उनका मुख्य उद्देश्य जंतर-मंतर पर ‘कॉकroach जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर पुलिस जांच की स्थिति और अब तक की कार्रवाई की जानकारी लेना था। इस दौरान राहुल गांधी पैलेट गन से घायल बताए जा रहे साहिल को भी अपने साथ लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है। इसके बाद राहुल गांधी पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी के साथ वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और अधीर रंजन चौधरी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी धरने में शामिल हुए। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि शिकायत स्वीकार कर ली गई है और पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।
DCP कार्यालय में जांच की जानकारी लेने पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से सीधे बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि मामले की जांच किस स्तर तक पहुंची है और अब तक क्या कार्रवाई की गई है। जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक जांच के निष्कर्ष या किसी ठोस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। राहुल गांधी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की प्रगति पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
CJP के नेतृत्व में 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकाला गया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हुई थी। इसी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया।
बताया गया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से आंदोलन चल रहा था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने बनाई हाई पावर कमेटी
दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) का गठन किया है।
कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने 18 अगस्त को यह आदेश दिया था।
कमेटी में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व DGP एल.आर. बिश्नोई को शामिल किया गया है।
यह समिति पैलेट गन के कथित इस्तेमाल, पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई हिंसा, दोनों पहलुओं की जांच करेगी।



