E20 पेट्रोल का डर: वाहन चालकों को माइलेज और इंजन की उम्र की चिंता, प्रीमियम पेट्रोल की मांग में भारी बढ़ोतरी

E20 Petrol: इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से वाहनों के माइलेज और इंजन की उम्र को लेकर बढ़ती चिंता के बीच ग्राहक अब प्रीमियम और हाई-ऑक्टेन पेट्रोल की ओर रुख कर रहे हैं। इसके चलते कुल पेट्रोल बिक्री में प्रीमियम पेट्रोल की हिस्सेदारी मार्च में करीब 4% से बढ़कर 15% हो गई है।

प्रीमियम पेट्रोल में भी 20% इथेनॉल

जानकारों के मुताबिक, कई ग्राहक इस बात से अनजान हैं कि प्रीमियम पेट्रोल में भी 20% तक इथेनॉल मिश्रण किया जा रहा है। इसके बावजूद ग्राहक इंडियन ऑयल के XP-95, भारत पेट्रोलियम के Speed और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के Power-95 जैसे हाई-ऑक्टेन पेट्रोल के लिए सामान्य पेट्रोल की तुलना में करीब ₹15 प्रति लीटर अधिक भुगतान कर रहे हैं।

कुछ वाहन मालिकों का मानना है कि हाई-ऑक्टेन रेटिंग के कारण माइलेज पर इथेनॉल का असर कम हो सकता है और यह उनके वाहन के लिए बेहतर विकल्प है।

ऑक्टेन 100 पेट्रोल की मांग भी बढ़ी

पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, ज्यादा एडिटिव वाले और इथेनॉल-मुक्त ऑक्टेन 100 फ्यूल को लेकर भी पूछताछ बढ़ी है। हालांकि, इसकी सीमित उपलब्धता और करीब ₹160-170 प्रति लीटर कीमत के कारण इसकी वास्तविक बिक्री अभी सीमित है।

वर्तमान में कुल पेट्रोल बिक्री में ऑक्टेन 100 की हिस्सेदारी करीब 1% है।

डीजल की बिक्री में भी बढ़ोतरी

इस बीच कुल पेट्रोल बिक्री में कोई खास बदलाव नहीं आया है। दूसरी ओर, डीजल की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि कुछ ग्राहक पेट्रोल वाहनों की तुलना में डीजल कारों की ओर भी रुख कर रहे हैं।

फिलहाल डीजल में इथेनॉल मिश्रण नहीं किया जा रहा है।