मोदी-RSS के बीच बढ़ती दूरी! संघ ने 14 साल बाद माना, कहा- ‘Gen-Z के प्रदर्शन सरकार की विफलता का नतीजा’

RSS Statement on Gen Z Movement: NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के बाद मोदी सरकार को पहली बार पीछे हटना पड़ा और संसद के मानसून सत्र में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने शुक्रवार को कहा कि ये प्रदर्शन केवल भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ नहीं थे, बल्कि व्यवस्था की व्यापक विफलता का परिणाम थे।

सिस्टम की व्यापक विफलता के कारण जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

RSS के सहसरकार्यवाह सी.आर. मुकुंद ने शुक्रवार को कहा कि व्यवस्था की व्यापक विफलताओं के कारण जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों का असंतोष सामने आया। उन्होंने कहा कि सरकार को इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

विशाखापत्तनम में RSS की तीन दिवसीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें संघ से जुड़े 40 संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद संघ की ओर से सरकार को व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की सलाह दी गई।

सरकार को युवाओं की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए

जंतर-मंतर के प्रदर्शनों पर मुकुंद ने कहा कि बदलाव केवल विरोध या टकराव के जरिए नहीं आता, बल्कि सकारात्मक तरीके से भी परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

उनके अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य स्तर की संस्थाओं की कार्यप्रणाली में मौजूद खामियों के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। इसलिए इन समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।

युवाओं की चिंता केवल NEET या किसी एक सरकार तक सीमित नहीं

RSS नेता ने कहा कि युवाओं की चिंता केवल NEET या किसी एक सरकार से जुड़ी नहीं है। बैठक में शिक्षा, रोजगार और तेजी से बदलते समाज में युवाओं की आकांक्षाओं को लेकर भी चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित और बेचैन हैं। उनकी चिंताओं को समझने और उनका समाधान निकालने की जरूरत है। देश की विभिन्न व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों को दूर करने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था में सुधार केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक सहयोग भी आवश्यक है।

जनसंख्या संतुलन पर भी RSS की बैठक में चर्चा

बैठक के दौरान देश में जनसंख्या संतुलन में हो रहे बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। RSS नेता के मुताबिक, भारत में फिलहाल युवाओं की आबादी अधिक है, लेकिन भविष्य में जनसांख्यिकीय स्थिति ऐसी नहीं रहेगी।

उन्होंने विभिन्न समुदायों की जनसंख्या वृद्धि दर में अंतर का भी उल्लेख किया और इसे जनसंख्या संतुलन से जुड़ा विषय बताया।

विदेश दौरे पर जाएंगे मोहन भागवत

RSS प्रमुख मोहन भागवत संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के तहत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा करेंगे।

सह सरकार्यवाह मुकुंद के मुताबिक, इस विदेश दौरे के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं—भारत, हिंदू समाज और RSS की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करना, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश फैलाना और भारतीय मूल के लोगों तथा हिंदुओं के हितों एवं अधिकारों को लेकर समाज के मुख्यधारा के लोगों के साथ संवाद बढ़ाना।