भावनगर में जहरीली शराब की 300 बोतलें बिकीं, 70 से ज्यादा प्रभावित; 200 से अधिक बोतलें जब्त करने का दावा

Bhavnagar Fake Liquor Case: भावनगर के जहरीली शराब कांड में आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। अब तक 61 लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 25 लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, जबकि 10 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, भावनगर भेजी गई नकली शराब की करीब 300 बोतलों में से 200 से अधिक बोतलें जब्त की जा चुकी हैं। वहीं, जहरीली शराब से प्रभावित लोगों की संख्या 70 से अधिक होने का दावा भी सामने आया है। आशंका है कि यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है।

21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

जानकारी के मुताबिक, भावनगर में करीब 300 नकली शराब की बोतलें भेजी गई थीं। इनमें मेथनॉल और एथनॉल की मात्रा को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। शराब के सेवन से अब तक 61 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी है।

इनमें 25 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं। करीब 18 लोगों ने शराब पीने के बाद अस्पताल से संपर्क कर डॉक्टरों की सलाह ली थी। अस्पताल में भर्ती मरीजों में 15 की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, जबकि 10 मरीज ICU में हैं और उनमें से एक वेंटिलेटर पर है।

सरकार के मुताबिक, पुलिस ने करीब 29 लोगों को खोजकर उनकी मेडिकल जांच और आवश्यक उपचार कराया है। मामले में 21 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें से 13 की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के आधार पर आरोपियों की रिमांड भी ली गई है।

मामले की जांच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) को सौंपी गई है। जांच का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक पहुंचने की स्थिति में संबंधित राज्यों में भी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य आरोपी ‘रईश’ 31 अगस्त तक रिमांड पर

SMC की टीम ने कथित मुख्य आरोपी रईश को पुलिस सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया था। जांच एजेंसी ने 14 दिन की रिमांड की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 31 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया है।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब कहां से आई, इसके पीछे कौन लोग थे और इस पूरे नेटवर्क को किसका संरक्षण हासिल था। जांच में अन्य बड़े नाम सामने आने की भी संभावना जताई जा रही है।

असली बोतल में नकली शराब ने बढ़ाई चिंता

गुजरात में शराबबंदी के बावजूद नकली शराब की बिक्री ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब भरे जाने की खबरों के बाद शराब का सेवन करने वाले लोगों में भी यह डर पैदा हुआ है कि कहीं उन्हें असली के नाम पर नकली शराब तो नहीं बेची जा रही।

शराब में मेथनॉल यानी जानलेवा जहर

मेथनॉल एक औद्योगिक अल्कोहल है और इसे पीने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली शराब में मिलाना बेहद खतरनाक हो सकता है। शरीर में जाने के बाद मेथनॉल जहरीले पदार्थों में बदल सकता है, जो विशेष रूप से आंखों और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके कारण आंखों की रोशनी जाने, कोमा और यहां तक कि मौत की स्थिति भी पैदा हो सकती है। वर्ष 2022 में बोटाद-धंधुका क्षेत्र में हुए जहरीली शराब कांड में भी शराब के नाम पर बेचे गए तरल में बेहद अधिक मात्रा में मेथनॉल पाया गया था।

सूरत में भी सामने आया गंभीर मामला

भावनगर जहरीली शराब कांड का असर सूरत में भी सामने आया है। भावनगर में शराब पीने के बाद सूरत के अथवा लाइंस क्षेत्र में रहने वाले 37 वर्षीय संजयसिंह डोडिया की हालत गंभीर हो गई। उन्हें इलाज के लिए पहले वराछा और फिर पुणे की निजी अस्पताल में ले जाया गया।

जानकारी के मुताबिक, संजयसिंह मूल रूप से भावनगर के पालियाड के रहने वाले थे और सूरत में कॉलेज में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे। 15 अगस्त को छुट्टी होने के कारण वह भावनगर गए थे, जहां उन्होंने दोस्तों के साथ शराब पी थी। 17 अगस्त की सुबह सूरत लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई और उन्हें ब्रेन डेड घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।