
AMC New Road Rules: अहमदाबाद में अब बनने वाली सभी नई सड़कों को लेकर अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (AMC) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। शहर में बनने वाले हर नए रोड के दोनों सिरों पर ठेकेदार का नाम, फोन नंबर और सड़क निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी वाली पत्थर की पट्टिका लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
जनता को मिलेगी सड़क निर्माण की पूरी जानकारी
पहले सड़कों पर पेंट से लिखे जाने वाले बोर्ड कुछ समय बाद मिट जाते थे। अब पत्थर की पट्टिका लगाए जाने से यह जानकारी लंबे समय तक उपलब्ध रहेगी कि संबंधित सड़क का निर्माण किस ठेकेदार ने किया है और उसका काम कब पूरा हुआ।
इस व्यवस्था से सड़क निर्माण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। खराब गुणवत्ता का काम होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना भी आसान होगा।
AMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी नए रोड पर निर्धारित पत्थर की पट्टिका नहीं लगाई गई, तो संबंधित ठेकेदार के बिल का भुगतान रोका जा सकता है। इसके अलावा गारंटी अवधि के दौरान सड़क की स्थिति की निगरानी और आवश्यक सुधार की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होगी।
पट्टिका पर कौन-कौन सी जानकारी होगी?
नए नियम के तहत सड़क के दोनों छोर पर लगाई जाने वाली पत्थर की पट्टिका में प्रमुख रूप से ये जानकारी दर्ज करनी होगी:
- सड़क और परियोजना की पूरी जानकारी
- संबंधित जोन और वार्ड का नाम
- काम पूरा करने की निर्धारित तारीख
- गारंटी अवधि
- Defect Liability Period
- ठेकेदार का नाम
- ठेकेदार का फोन नंबर
- AMC का टोल-फ्री नंबर
यदि भविष्य में सड़क निर्माण की समयसीमा में कोई बदलाव किया जाता है, तो उसकी जानकारी के लिए अलग संशोधन पट्टिका भी लगाने का प्रावधान रहेगा।
136 करोड़ रुपये के 7 मॉडल रोड का प्रस्ताव अटका
दूसरी ओर, AMC के इंजीनियरिंग विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे हैं। सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों की आंतरिक सड़कों को RCC से बनाने का निर्णय लिए जाने के बावजूद रोड प्रोजेक्ट विभाग ने सात मॉडल रोड को डामर यानी पावर से बनाने के लिए करीब 136 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर दिया था।
इस प्रस्ताव में बिटुमिन यानी डामर की कीमत में होने वाले अंतर का भुगतान करने की शर्त भी शामिल की गई थी।
इंजीनियरिंग विभाग की गलती से प्रोजेक्ट में देरी
रोड एंड बिल्डिंग कमेटी की बैठक में जब इस विसंगति पर ध्यान गया तो 136 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
अब सरकारी नियमों के अनुसार इन सड़कों को RCC से बनाने के लिए नए सिरे से प्लान और एस्टिमेट तैयार करने का निर्देश इंजीनियरिंग विभाग को दिया गया है। विभाग की इस चूक के कारण महत्वपूर्ण सड़क परियोजना में देरी होने की स्थिति पैदा हो गई है।



