
Dry Fruit Price Hike: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही महंगाई का असर अब सूखे मेवों और मसालों की कीमतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। चीनी के दाम 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंचने के बाद अब किशमिश, बादाम और इलायची की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। किशमिश के दाम में करीब 80%, बादाम में 20% और इलायची में 30% तक की बढ़ोतरी ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है।
आसमान छू रहे किशमिश, बादाम और इलायची के दाम
बाजार सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले करीब 250 रुपये प्रति किलो बिकने वाली किशमिश अब बढ़कर लगभग 450 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। यानी कीमत में करीब 80% की बढ़ोतरी हुई है।
इसी तरह, एक सप्ताह पहले करीब 1,000 रुपये प्रति किलो बिकने वाला बादाम अब लगभग 1,200 रुपये प्रति किलो हो गया है।
इलायची की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। पहले करीब 3,500 रुपये प्रति किलो बिकने वाली इलायची में लगभग 30% की वृद्धि के बाद अब इसका भाव करीब 4,500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
सूखे मेवों और चीनी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर त्योहारों के दौरान बनने वाली मिठाइयों और प्रसाद पर पड़ रहा है।
श्रावण से लेकर गणेशोत्सव तक बढ़ेगा असर
फिलहाल श्रावण मास चल रहा है और कई मंदिरों में भगवान शिव को चूरमा के लड्डू समेत विभिन्न प्रकार के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। इन व्यंजनों में किशमिश और अन्य सूखे मेवों का इस्तेमाल होने के कारण लागत बढ़ गई है।
इसके बाद रक्षाबंधन और गणेशोत्सव जैसे त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में मिठाइयों और प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों के त्योहार के बजट पर पड़ सकता है।
मिठाइयां भी हो सकती हैं 10% तक महंगी
दूध और मिठाई कारोबारियों के अनुसार, चीनी की कीमतों में करीब 40% तक की तेजी के अलावा दूध, सूखे मेवे और मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ी हैं।
वहीं, मिठाई और फरसाण बनाने में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की लागत भी पहले बढ़ चुकी है। इन सभी बढ़ती लागतों का असर अब मिठाई की कीमतों पर पड़ने की संभावना है।
व्यापारियों के मुताबिक पेड़ा, काजू कतली और अन्य मिठाइयों के दाम में करीब 10% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ दुकानदारों ने अभी से ही प्रति किलो 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी शुरू कर दी है।



