
Gujarat Congress: गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 8 से 9 जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों को पद से हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी, कमजोर संगठन और चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी हाईकमान की नाराजगी के बाद गुजरात कांग्रेस अब संगठन में बदलाव की तैयारी में है।
स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन से बढ़ी नाराजगी
गुजरात को देशभर में संगठन मजबूत करने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया था। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ना और पार्टी का मजबूत ढांचा तैयार करना था।
इसी अभियान के तहत पहले कई जिलों और शहरों में नए अध्यक्षों की नियुक्तियां की गई थीं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व के आंतरिक आकलन में यह प्रयोग अपेक्षित परिणाम देने में नाकाम रहा है।
गुटबाजी और टिकट वितरण पर भी सवाल
तालुका पंचायत, जिला पंचायत और महानगरपालिका चुनावों में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पार्टी के अंदरूनी आकलन के अनुसार, गुटबाजी, स्थानीय स्तर पर गलत फैसले और टिकट वितरण में कथित खामियों ने कांग्रेस के प्रदर्शन को प्रभावित किया। सक्रिय और लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर कमजोर उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
जिला और शहर अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा
फिलहाल प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से जिला और शहर अध्यक्षों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जा रहा है। किन क्षेत्रों में पार्टी को नुकसान हुआ और इसके लिए स्थानीय संगठन की क्या भूमिका रही, इसका आकलन किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अंतिम समीक्षा पूरी होने के बाद हाईकमान की ओर से नए आदेश जारी किए जा सकते हैं। इसके तहत निष्क्रिय या कमजोर प्रदर्शन करने वाले अध्यक्षों को हटाकर नए और सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी देने की संभावना है।
हालांकि, 8 से 9 अध्यक्षों को हटाए जाने की बात फिलहाल पार्टी सूत्रों के दावे पर आधारित है और कांग्रेस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।



