
India Weather Forecast 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, झारखंड और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 26 अगस्त से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र
IMD के 25 अगस्त के बुलेटिन के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय है, जिससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित होने की संभावना है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर
उत्तराखंड में 26 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 27 से 29 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है, जबकि 30 और 31 अगस्त को फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 अगस्त को बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मध्य भारत में भी बढ़ेगी बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई हिस्सों में 26 से 29 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी इस दौरान बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना है।
ओडिशा में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। IMD के ताजा बुलेटिन में ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 26 से 31 अगस्त तक बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां व्यापक रह सकती हैं।
कुछ क्षेत्रों में 29 और 30 अगस्त के आसपास बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।
गुजरात समेत पश्चिमी भारत में कैसा रहेगा मौसम?
गुजरात में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
केरल और माहे, तटीय कर्नाटक तथा दक्षिण भारत के कुछ अन्य हिस्सों में 26 से 29 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों का मौसम
दिल्ली-NCR में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD के दिल्ली बुलेटिन के अनुसार, क्षेत्र में हाल के 24 घंटों में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक दर्ज की गई है।
कुछ इलाकों में जलभराव का खतरा
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों, अंडरपास और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश के दौरान अचानक बाढ़ और जलभराव का जोखिम भी बन सकता है।
समुद्र में भी उठ सकती हैं ऊंची लहरें
बारिश के साथ समुद्री इलाकों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान खाद और कीटनाशकों का छिड़काव टालना बेहतर रहेगा। तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए बागवानी फसलों और बेल वाली सब्जियों को सहारा देने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
नोट: मौसम संबंधी चेतावनियां तेजी से बदल सकती हैं। स्थानीय स्तर पर जारी IMD/मौसम केंद्र की ताजा चेतावनी को प्राथमिकता दें।



