जामनगर में सूदखोरों पर गंभीर आरोप: 153 करोड़ की 28 संपत्तियां हड़पने के बाद बिल्डर ने की आत्महत्या

Jamnagar Crime News: जामनगर के कारोबारी और बिल्डर मेरामणभाई परमार की मौत के मामले में उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या थी और कथित तौर पर कर्ज तथा ब्याज के विवाद को लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

मृतक के बेटे देव परमार की शिकायत पर गांधीनगर के अडालज पुलिस थाने में 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर ब्याज पर दिए गए पैसों की सुरक्षा के नाम पर करीब 153 करोड़ रुपये मूल्य की 28 संपत्तियों के दस्तावेज अपने और परिवार के सदस्यों के नाम करवा लिए।

पैसे लौटाने के बाद भी संपत्ति के दस्तावेज नहीं लौटाने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, मेरामणभाई ने अलग-अलग लोगों से पैसे लिए थे और इसके बदले जमीन व अन्य संपत्तियों के दस्तावेज सुरक्षा के तौर पर दिए गए थे। परिवार का आरोप है कि मूल रकम और ब्याज चुकाने के बावजूद कुछ लोगों ने संपत्तियों के दस्तावेज वापस नहीं किए और अतिरिक्त रकम की मांग जारी रखी।

परिवार के अनुसार, मेरामणभाई ने अपनी परेशानी और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी दो अलग-अलग सुसाइड नोट में लिखी थी।

जनवरी 2025 में जहरीला पदार्थ पीने से हुई थी मौत

10 जनवरी 2025 की रात गांधीनगर के अडालज इलाके में मेरामणभाई ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पी लिया था। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

करीब 10 दिन बाद, 21 जनवरी को परिवार ने उनका सामान जांचा। इसी दौरान उनकी पत्नी कीर्ति बेन को एक बंद लिफाफे में दो सुसाइड नोट मिले। परिवार का कहना है कि लिफाफे पर इसे परिवार की मौजूदगी में खोलने की बात लिखी थी।

इसके करीब डेढ़ साल बाद, 27 अगस्त 2026 को उनके बेटे देव परमार ने अडालज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

सुसाइड नोट में ब्याज और संपत्ति को लेकर क्या लिखा?

पहले कथित सुसाइड नोट में मेरामणभाई ने कुछ लोगों से लिए गए कर्ज, ब्याज भुगतान और संपत्तियों को सुरक्षा के तौर पर उनके नाम किए जाने का उल्लेख किया था। परिवार का आरोप है कि पूरी रकम और ब्याज चुकाने के बाद भी संपत्तियों के दस्तावेज वापस नहीं किए गए।

दूसरे नोट में ढींचड़ा गांव स्थित स्कूल की संपत्ति को लेकर लेन-देन का जिक्र होने का दावा किया गया है। शिकायत के अनुसार, स्कूल की संपत्ति में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी सुरक्षा के तौर पर दर्ज कराई गई थी और भुगतान के बावजूद उसे वापस करने को लेकर विवाद चल रहा था।

परिवार का आरोप है कि इस विवाद के बीच कथित तौर पर अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की मांग की गई और मेरामणभाई पर मानसिक दबाव बनाया गया।

11 आरोपियों के खिलाफ मामला

पुलिस शिकायत में कुल 11 लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें एक परिवार के कई सदस्य, दंपती और उनके बेटे-बहू भी शामिल बताए गए हैं।

पुलिस अब कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक स्टेटमेंट, जमीन और संपत्तियों के दस्तावेज, रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड तथा सुसाइड नोट की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी आत्महत्या की कोशिश का दावा

परिवार के अनुसार, मेरामणभाई पहले भी मानसिक तनाव से गुजर चुके थे। वर्ष 2020 में उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था।

वर्ष 2016 में वह उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने करीब 5 करोड़ रुपये की रेंज रोवर कार खरीदी थी, जिसे सौराष्ट्र की पहली ऐसी कार बताया गया था।

फिलहाल अडालज पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, पैसों के लेन-देन और कथित सूदखोरी के आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।