‘मुझसे गलती हो गई…’ ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ट्रंप के मंत्री ने मांगी माफी

US Military News: अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत को लेकर दिए अपने गलत बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि ईरान युद्ध में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई है। बाद में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं और 750 से अधिक घायल हुए हैं।

सोशल मीडिया पर मानी गलती

लुटनिक ने X पर पोस्ट कर अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि G20 इनोवेशन समिट में AI पर बातचीत के दौरान ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े सवाल का जवाब देते समय उनसे गलती हो गई।

उन्होंने कहा कि वह वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के बारे में सोच रहे थे, जिसमें कोई अमेरिकी सैन्यकर्मी नहीं मारा गया था। लुटनिक ने ईरान युद्ध में मारे गए सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए अपनी गलती पर गहरा दुख व्यक्त किया।

ट्रंप ने भी किया लुटनिक का बचाव

लुटनिक की माफी से कुछ समय पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर उनका बचाव किया था। ट्रंप ने कहा कि लुटनिक के दिमाग में वेनेजुएला का सैन्य अभियान था, जहां कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया था। ट्रंप ने साथ ही स्पष्ट किया कि ईरान में 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप के इस बयान के करीब 45 मिनट बाद लुटनिक ने अपनी सार्वजनिक माफी जारी की।

9/11 की बरसी का भी किया जिक्र

लुटनिक ने अपनी पोस्ट में कहा कि 9/11 हमले की 25वीं बरसी नजदीक आ रही है और वह अमेरिकी सेना तथा देश की सेवा करने वाले सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान रखते हैं।

उन्होंने अपने निजी नुकसान का भी जिक्र किया और बताया कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले में उन्होंने अपने भाई और करीबी लोगों को खोया था।

अमेरिकी सैनिकों के आंकड़ों को लेकर पहले भी उठे सवाल

ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और घायल होने के आंकड़ों को लेकर ट्रंप प्रशासन पहले भी सवालों के घेरे में रहा है।

जुलाई में अमेरिकी रक्षा विभाग की वेबसाइट से चार सैनिकों की मौत और दर्जनों घायलों से जुड़े आंकड़े हटाए जाने के बाद विवाद पैदा हुआ था। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी सैनिकों की मौतों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टिंग की आलोचना कर चुके हैं।