
Iran Chief Justice: BRICS Chief Justices Forum के दौरान अयातुल्ला गुलाम हुसैन मोहसिनी-एजेई ने जामा मस्जिद में अदा की जुमे की नमाज, शाही इमाम से भी की मुलाकात
नई दिल्ली में BRICS Chief Justices Forum के बीच शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ईरान के चीफ जस्टिस अयातुल्ला गुलाम हुसैन मोहसिनी-एजेई ऐतिहासिक जामा मस्जिद पहुंचे और वहां जुमे की नमाज अदा की।
उनकी इस यात्रा के दौरान जामा मस्जिद में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके आसपास जमा हो गए और उनसे मुलाकात की।
शाही इमाम से की मुलाकात, फिर अदा की नमाज
ईरान के चीफ जस्टिस ने जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मस्जिद में जुमे की नमाज में हिस्सा लिया।
इस दौरान वे अन्य नमाजियों के साथ एक ही कतार में खड़े नजर आए। नमाज पूरी होने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उनका अभिवादन किया।
ईरान शिया बहुल देश है, जबकि दिल्ली की जामा मस्जिद सुन्नी इस्लामी परंपरा का प्रमुख धार्मिक केंद्र मानी जाती है। ऐसे में ईरान के शीर्ष न्यायिक अधिकारी का यहां पहुंचकर नमाज में शामिल होना शिया-सुन्नी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का प्रतीक माना जा रहा है।
भारत-ईरान के सदियों पुराने रिश्तों का जिक्र
शाही इमाम के साथ बातचीत के दौरान ईरान के चीफ जस्टिस ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके बीच सदियों से संस्कृति, भाषा, साहित्य और धार्मिक संपर्कों के माध्यम से गहरे संबंध रहे हैं।
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में भारतीय धार्मिक विद्वानों के साथ हुई बातचीत के दौरान भी उन्होंने ईरान की स्वतंत्र विदेश नीति और अमेरिका तथा इजरायल के दबाव के संदर्भ में अपनी बात रखी।
BRICS मंच पर न्यायिक सहयोग पर मंथन
दरअसल, नई दिल्ली में 4 से 6 सितंबर तक BRICS Chief Justices Forum का आयोजन किया जा रहा है। भारत के सुप्रीम कोर्ट की मेजबानी में हो रहे इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन में न्यायपालिका में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल, अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और व्यावसायिक विवादों के समाधान जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत भी रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।
एक तरफ BRICS सम्मेलन में न्याय व्यवस्था के भविष्य और तकनीक पर चर्चा चल रही है, वहीं ईरान के चीफ जस्टिस का दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद पहुंचना इस यात्रा में सांस्कृतिक और मानवीय जुड़ाव का एक खास पहलू बन गया।



