अब एक साल पहले तैयार किया हुआ खाना भी नहीं माना जाता बासी? अहमदाबाद में फ्रोजन फूड की मांग तीन गुना बढ़ी

Frozen Food Health Risks: बदलती जीवनशैली और सुविधा की बढ़ती जरूरत के बीच अहमदाबाद समेत गुजरात में फ्रोजन फूड की मांग तेजी से बढ़ने का दावा किया जा रहा है। फ्रोजन पराठे, नान, समोसे, फ्रेंच फ्राइज और स्प्रिंग रोल जैसे उत्पाद अब घरों के साथ-साथ होटल, रेस्तरां, कैफे और त्वरित डिलीवरी सेवाओं का भी हिस्सा बन गए हैं।

उद्योग से जुड़े दावों के अनुसार, अहमदाबाद में पिछले चार-पांच वर्षों में फ्रोजन खाद्य पदार्थों की मांग करीब तीन गुना बढ़ी है, जबकि गुजरात का फ्रोजन फूड बाजार ₹2,500 करोड़ से अधिक होने का अनुमान बताया जा रहा है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रोजन फूड अपने आप में असुरक्षित नहीं है। इसकी सुरक्षा काफी हद तक तापमान, भंडारण, पैकेजिंग, निर्माण प्रक्रिया और कोल्ड चेन के सही तरीके से बनाए रखने पर निर्भर करती है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मानकों के अनुसार फ्रोजन उत्पादों को आम तौर पर -18 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर रखना जरूरी है।

होटल और घरों में बढ़ा रेडी-टू-कुक का चलन

फ्रोजन खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के पीछे बदलती दिनचर्या को प्रमुख कारण माना जा रहा है। खासकर युवा, विद्यार्थी और कामकाजी दंपती ऐसे उत्पादों को पसंद कर रहे हैं जिन्हें कम समय में तैयार किया जा सके।

फ्रोजन समोसे, पराठे, नगेट्स, स्प्रिंग रोल और फ्रेंच फ्राइज जैसे उत्पाद अब खुदरा दुकानों और सुपरमार्केट के अलावा त्वरित वितरण मंचों के जरिए भी आसानी से उपलब्ध हैं।

उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, अहमदाबाद में जहां कुछ वर्ष पहले एक फ्रोजन फूड कंपनी करीब 200 दुकानों तक उत्पाद पहुंचाती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 450 से 500 दुकानों और सुपरमार्केट तक पहुंच गई है।

त्वरित डिलीवरी से बढ़ी बिक्री

खुदरा बाजार में भी फ्रोजन उत्पादों की बिक्री बढ़ने का दावा किया जा रहा है। जहां पहले किसी दुकान पर महीने में करीब 100 से 125 पैकेट बिकते थे, वहीं अब यह संख्या 500 से 600 पैकेट तक पहुंचने की बात कही जा रही है।

इसके अलावा त्वरित वाणिज्य सेवाओं के विस्तार ने भी इस बाजार को गति दी है। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक अहमदाबाद में हर महीने लाखों पैकेट फ्रोजन खाद्य पदार्थों की बिक्री हो रही है।

गुजरात से अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों में भी फ्रोजन खाद्य उत्पादों के निर्यात का कारोबार किया जाता है।

असली चिंता फ्रोजन फूड नहीं, खराब कोल्ड चेन है

फ्रोजन भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए लगातार कम तापमान बनाए रखना जरूरी है। यदि उत्पाद को उचित तापमान पर रखा जाए तो जमाने की प्रक्रिया सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को काफी हद तक रोक देती है। लेकिन भोजन के पिघलने के बाद उसमें मौजूद सूक्ष्मजीव फिर सक्रिय हो सकते हैं।

यही वजह है कि निर्माता से लेकर वितरक, खुदरा दुकान और ग्राहक तक पूरी कोल्ड चेन का सही रहना बेहद महत्वपूर्ण है।

यह कहना सही नहीं है कि कोई फ्रोजन खाद्य पदार्थ केवल एक घंटे फ्रीजर से बाहर रहने पर निश्चित रूप से खतरनाक हो जाता है। वास्तविक जोखिम तापमान, खाद्य पदार्थ के प्रकार और कितनी देर तक वह सुरक्षित तापमान से बाहर रहा, इन सभी बातों पर निर्भर करता है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पिघले हुए खाद्य पदार्थों को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक रखना जोखिम बढ़ा सकता है।

बार-बार जमाने और पिघलाने से बढ़ सकता है जोखिम

फ्रोजन भोजन को बार-बार पिघलाने और फिर जमाने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यदि खाद्य पदार्थ लंबे समय तक सुरक्षित तापमान से बाहर रहा है, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।

हालांकि, यह दावा कि हर बार दोबारा जमाने से साल्मोनेला या लिस्टेरिया निश्चित रूप से पैदा हो जाएगा, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। वास्तविक खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि भोजन किस तापमान पर और कितनी देर तक रहा।

अमेरिकी खाद्य सुरक्षा सेवा के अनुसार, यदि कोई जमी हुई खाद्य वस्तु अभी भी बर्फ के क्रिस्टल के साथ जमी हुई है या उसका तापमान सुरक्षित सीमा में है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे दोबारा जमाया जा सकता है। लेकिन पिघला हुआ भोजन लंबे समय तक असुरक्षित तापमान पर रहा हो तो उसे फेंक देना चाहिए।

बच्चों के मामले में विशेष सावधानी जरूरी

फ्रोजन समोसा, पराठा, नगेट्स और फ्रेंच फ्राइज जैसे तैयार या अर्ध-तैयार खाद्य पदार्थ बच्चों के भोजन में भी तेजी से शामिल हो रहे हैं। लेकिन माता-पिता को केवल फ्रोजन होने के आधार पर किसी उत्पाद को स्वस्थ या अस्वस्थ नहीं मानना चाहिए।

उत्पाद का नमक, संतृप्त वसा, ट्रांस फैट, कैलोरी और अन्य पोषण संबंधी जानकारी पैकेट पर देखकर ही खरीदारी करनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों के लिए अत्यधिक नमक और ऊर्जा वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन उचित नहीं माना जाता।

क्या एक साल पुराना फ्रोजन खाना सुरक्षित है?

किसी फ्रोजन खाद्य पदार्थ की सुरक्षा केवल उसकी उम्र देखकर तय नहीं की जा सकती। पैकेट पर दी गई समाप्ति तिथि, भंडारण तापमान, पैकेजिंग की स्थिति और पूरी कोल्ड चेन महत्वपूर्ण होती है।

लगातार उचित तापमान पर रखे गए जमे हुए खाद्य पदार्थ लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं, लेकिन लंबे भंडारण से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह कहना कि “एक साल पुराना खाना भी बासी नहीं होता” हर फ्रोजन उत्पाद पर लागू होने वाला नियम नहीं है।

उपभोक्ताओं को क्या ध्यान रखना चाहिए?

  • पैकेट पर निर्माण और समाप्ति तिथि जरूर देखें।
  • पैकेट फूला हुआ, फटा हुआ या असामान्य रूप से पिघला हुआ हो तो खरीदने से बचें।
  • उत्पाद को खरीदने के बाद लंबे समय तक सामान्य तापमान पर न रखें।
  • पिघले हुए खाद्य पदार्थ को दोबारा जमाने से पहले उसके तापमान और भंडारण की स्थिति का ध्यान रखें।
  • पकाने से पहले पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
  • बच्चों के लिए कम नमक, कम संतृप्त वसा और बेहतर पोषण वाले विकल्प चुनें।

फ्रोजन फूड का बढ़ता बाजार सुविधा और बदलती जीवनशैली की तस्वीर जरूर दिखाता है, लेकिन फ्रोजन होना अपने आप में सुरक्षा की गारंटी नहीं है। असली सवाल यह है कि खाद्य पदार्थ को उत्पादन से लेकर आपकी रसोई तक किस तापमान और किस स्वच्छता मानक के साथ रखा गया।