गुजरात में सड़क हादसों में रोजाना करीब 600 लोग घायल, 27% का उछाल; जानिए हादसों के पीछे क्या हैं बड़े कारण

Gujarat Road Accidents: गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ा एक चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। जनवरी से अगस्त 2026 के आठ महीनों में राज्य में 1,45,240 लोग सड़क हादसों में घायल हुए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या करीब 1.14 लाख थी। यानी एक साल में घायलों की संख्या में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष अब तक राज्य में हर दिन औसतन करीब 600 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हो रहे हैं। यदि दुर्घटनाओं और घायलों का यही औसत साल के बाकी महीनों में भी बना रहा, तो वर्ष के अंत तक यह संख्या करीब 2.19 लाख तक पहुंच सकती है।

ओवरस्पीड और गलत दिशा में वाहन चलाना बड़ी वजह

सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। जानकारों के अनुसार, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

इसके अलावा यातायात नियमों की अनदेखी, लापरवाही से वाहन चलाना और सड़क पर अनुशासन की कमी भी हादसों का जोखिम बढ़ाती है।

अहमदाबाद सबसे आगे, रोजाना करीब 90 लोग घायल

जिलेवार आंकड़ों में अहमदाबाद सबसे आगे है। यहां जनवरी से अगस्त 2025 के दौरान 18,541 सड़क दुर्घटना में घायल होने के मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 21,995 हो गई।

इस तरह अहमदाबाद में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या में 18.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

अहमदाबाद में सड़क हादसों के कारण प्रतिदिन औसतन करीब 90 घायल लोगों को आपातकालीन सेवा 108 की मदद लेने की जरूरत पड़ रही है।

सूरत दूसरे और वडोदरा तीसरे स्थान पर

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या के मामले में गुजरात के प्रमुख शहरों और जिलों की स्थिति भी चिंताजनक है।

2026 के जनवरी से अगस्त के आंकड़ों के अनुसार:

  • अहमदाबाद: 21,995
  • सूरत: 14,503
  • वडोदरा: 8,883
  • राजकोट: 7,145
  • वलसाड: 5,113

इस सूची में सूरत दूसरे, वडोदरा तीसरे, राजकोट चौथे और वलसाड पांचवें स्थान पर है।

द्वारका में सबसे तेज बढ़ोतरी

देवभूमि द्वारका जिले में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले वर्ष जनवरी से अगस्त के दौरान यहां 986 मामले सामने आए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 1,632 हो गई। यानी एक साल में यहां 65.52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

यह वृद्धि राज्य के अन्य जिलों की तुलना में काफी अधिक है और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाती है।

तीन वर्षों में सड़क हादसों के आंकड़े

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या इस प्रकार रही:

  • 2024: 1,65,065
  • 2025: 1,78,975
  • 2026: 1,45,240 (जनवरी-अगस्त)

ध्यान देने वाली बात यह है कि 2026 का आंकड़ा अभी केवल पहले आठ महीनों का है। इसलिए पूरे वर्ष की तुलना करते समय अवधि को समान रखना जरूरी है।

बढ़ते हादसे गुजरात के लिए बड़ी चुनौती

गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों की बढ़ती संख्या यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल जैसी आदतों पर नियंत्रण जरूरी है।

यदि यातायात नियमों का सख्ती से पालन, सड़क सुरक्षा जागरूकता और खतरनाक मार्गों पर प्रभावी निगरानी बढ़ाई जाए, तो दुर्घटनाओं और घायलों की संख्या को कम करने में मदद मिल सकती है।