AAP विधायक चैतर वसावा को गुजरात हाईकोर्ट से राहत, विधानसभा के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत

MLA Chaitar Vasava Bail: गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के डेडियापाड़ा विधायक चैतर वसावा को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए 7 दिनों की सशर्त अंतरिम जमानत मंजूर की है।

अदालत ने जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। इसके तहत जमानत अवधि के दौरान चैतर वसावा गांधीनगर से बाहर नहीं जा सकेंगे और उन्हें विधानसभा के मानसून सत्र में उपस्थित रहना होगा। इसके अलावा अदालत ने उन्हें मीडिया से बातचीत करने और किसी भी तरह का सार्वजनिक बयान देने से भी रोक दिया है।

चैतर वसावा ने विधानसभा सत्र के दौरान अपने क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दे उठाने और सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला अक्टूबर-नवंबर 2023 के दौरान नर्मदा जिले के बोगाज गांव के पास वन विभाग की जमीन से जुड़े विवाद से शुरू हुआ था। बताया गया कि सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण और वहां खड़ी फसल को वन विभाग के कर्मचारियों ने हटा दिया था।

इसके बाद जमीन से जुड़े विवाद पर बातचीत के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को डेडियापाड़ा स्थित चैतर वसावा के आवास पर बुलाया गया था।

वन विभाग की शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर चैतर वसावा तथा उनके समर्थकों ने वनकर्मियों के साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकारी कर्मचारियों को डराने के लिए हवा में गोली चलाई गई और उनसे कथित तौर पर जबरन वसूली की मांग की गई।

घटना के बाद डेडियापाड़ा पुलिस थाने में चैतर वसावा और उनके साथियों के खिलाफ दंगा, शस्त्र अधिनियम और जबरन वसूली समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

सत्र अदालत ने सुनाई थी 7 साल की सजा

इस मामले में 23 जून 2026 को नर्मदा जिले की राजपीपला अतिरिक्त सत्र अदालत ने फैसला सुनाया था। अदालत ने चैतर वसावा, उनकी पत्नी शकुंतला वसावा समेत कुल 9 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

अदालत ने दोषियों पर अलग-अलग राशि का जुर्माना भी लगाया था, जो ₹25,000 से ₹96,000 तक बताया गया है।

अब विधानसभा के मानसून सत्र में भाग लेने के लिए गुजरात हाईकोर्ट द्वारा चैतर वसावा को सात दिनों की सशर्त अंतरिम जमानत दिए जाने से उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने का अवसर मिलेगा।