
Lemon Price Hike: अहमदाबाद में चीनी, प्याज और खाद्य तेल के बाद अब नींबू के बढ़ते दाम ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। करीब दो सप्ताह पहले जहां शहर के खुदरा बाजार में नींबू ₹120 प्रति किलो मिल रहा था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर ₹240 से ₹260 प्रति किलो तक पहुंच गई है। महंगे नींबू के कारण कई लोग अब किलो के बजाय गिनती के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।
आमतौर पर गर्मियों में नींबू की मांग बढ़ने के साथ इसके दाम में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मानसून के दौरान ही कीमतों में इतना बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है।
अहमदाबाद मंडी में भी दोगुने से ज्यादा हुए दाम
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल मार्केटिंग यार्ड में 22 अगस्त को नींबू का थोक भाव करीब ₹10 से ₹55 प्रति किलो था। अब यह बढ़कर ₹80 से ₹160 प्रति किलो तक पहुंच गया है।
इस दौरान मंडी में नींबू की आवक भी काफी घट गई है। मौजूदा अवधि में करीब 6,710 क्विंटल नींबू मंडी में आया, जबकि 2025 में इसी अवधि के दौरान आवक 10,608 क्विंटल थी।
यानी पिछले साल की तुलना में आवक में करीब 3,898 क्विंटल की कमी आई है। बाजार में नींबू की सीमित उपलब्धता को कीमतों में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
दक्षिण भारत से आवक बंद, राजस्थान पर निर्भरता
व्यापारियों के मुताबिक अहमदाबाद में नींबू की आपूर्ति आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के कई इलाकों के अलावा मेहसाणा, भावनगर और पालिताणा जैसे क्षेत्रों से होती है।
फिलहाल इन क्षेत्रों से आवक काफी कम या बंद बताई जा रही है और अहमदाबाद के बाजार में मुख्य रूप से राजस्थान से नींबू की आपूर्ति हो रही है। इससे बाजार में उपलब्धता और कम हो गई है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं नींबू के दाम?
बाजार विशेषज्ञों और कृषि जानकारों के अनुसार नींबू की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं।
जिन क्षेत्रों से अहमदाबाद में नींबू आता है, वहां इस बार उत्पादन स्थानीय मांग के आसपास ही रहा। वहां जितना उत्पादन हुआ, उसका बड़ा हिस्सा स्थानीय बाजार में ही खप गया।
इसके अलावा लगातार गर्मी पड़ने से कई जगह नींबू समय से पहले पीले होकर पेड़ों से गिर गए। इससे बाजार में आने वाली मात्रा प्रभावित हुई।
दूसरी ओर, बारिश में कमी के कारण मौसम में गर्मी बढ़ने से नींबू की खपत और मांग भी बढ़ी है। यानी एक तरफ आपूर्ति कम हुई और दूसरी तरफ मांग बढ़ी, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।
नवरात्रि से पहले राहत की उम्मीद कम
बाजार से जुड़े लोगों के अनुसार नवरात्रि से पहले नींबू के दाम में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है।
गुजरात की नई फसल सामान्यतः फरवरी-मार्च के आसपास बाजार में आती है, जबकि दक्षिण भारत से नई आवक दशहरे के आसपास शुरू होने की उम्मीद रहती है।
जब तक नई आवक पर्याप्त मात्रा में बाजार में नहीं आती, तब तक नींबू की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी उपभोक्ताओं को महंगे नींबू खरीदने पड़ सकते हैं।



