
Sensex and Nifty: सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार, 9 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही Sensex 600 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि Nifty 23,500 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे चला गया। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के साथ सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार का दबाव बढ़ा दिया।
खुलते ही 600 अंक से ज्यादा टूटा Sensex
बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई Sensex पिछले बंद स्तर 75,577.58 के मुकाबले करीब 75,216 पर खुला। इसके बाद बिकवाली बढ़ने से सूचकांक करीब 609 अंक गिरकर 74,968 के स्तर तक पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में बाजार की कमजोरी व्यापक रही और कई प्रमुख शेयर दबाव में नजर आए।
Nifty भी 23,500 के नीचे
Sensex की तरह NSE का Nifty 50 भी कमजोर खुला। पिछली बार 23,635.10 पर बंद हुआ Nifty करीब 23,522 के स्तर पर खुला और बाद में गिरकर 23,477 तक पहुंच गया।
IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा। शुरुआती कारोबार में Nifty IT करीब 3% गिरा।
Infosys, TCS, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब, बाजार पर बढ़ा दबाव
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके चलते Brent crude करीब 99.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, यानी 100 डॉलर के स्तर के बेहद करीब। भारत दुनिया के बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल है, इसलिए तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ती है।
गिरावट के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी
हालांकि बाजार में व्यापक गिरावट रही, लेकिन सभी शेयर लाल निशान में नहीं थे। शुरुआती कारोबार में ग्रेफाइट इंडिया और अडानी एंटरप्राइजेज जैसे कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
बाजार की आगे की दिशा अब मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत, अमेरिका-ईरान संघर्ष, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।



