
Petrol-Ethanol News: भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर जारी बहस के बीच सरकार अब इसके मिश्रण की सीमा को और बढ़ाने पर विचार कर रही है। फिलहाल देश में E20 पेट्रोल, यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल, उपलब्ध है। अब आने वाले समय में इस सीमा को 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने की संभावना जताई गई है।
यह संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर ने दिया है। उन्होंने कहा कि E20 कार्यक्रम अब तक सफल रहा है और आने वाले समय में सरकार का ध्यान अधिक इथेनॉल मिश्रण के साथ फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने पर रहेगा।
E20 के बाद अब आगे बढ़ाने की तैयारी
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तरुण कपूर ने कहा कि देश में E20 कार्यक्रम ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। कई वाहन निर्माता कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बाजार में लाने की तैयारी कर रही हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में E20 से अधिक इथेनॉल मिश्रण की अनुमति दी जा सकती है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच उन्होंने जैव ईंधन के महत्व पर भी जोर दिया।
सरकार का उद्देश्य पेट्रोल तक सीमित नहीं है। देश में उपलब्ध विभिन्न वैकल्पिक ईंधन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
E20 को लेकर हो रही आलोचना पर क्या बोले तरुण कपूर?
पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को लेकर देश में समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इसके जवाब में प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने कहा कि E20 को लेकर की जा रही कई आलोचनाएं अधूरी जानकारी पर आधारित हैं।
उन्होंने दावा किया कि विभिन्न शोधों में E20 के उपयोग को लाभकारी पाया गया है। सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण से पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता कम करने और घरेलू जैव ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
क्या होते हैं फ्लेक्स-फ्यूल वाहन?
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (FFV) ऐसे वाहन होते हैं, जिन्हें एक से अधिक प्रकार के ईंधन या उनके मिश्रण से चलाया जा सकता है। इनमें पेट्रोल के साथ इथेनॉल या अन्य वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार आने वाले समय में ऐसे वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इससे इथेनॉल की बढ़ती उपलब्धता का उपयोग परिवहन क्षेत्र में भी किया जा सकेगा।
इथेनॉल के बाद डीजल पर भी सरकार की नजर
तरुण कपूर के अनुसार, देश में मौजूदा मिश्रण की आवश्यकता की तुलना में इथेनॉल उत्पादन क्षमता अधिक हो चुकी है। ऐसे में सरकार अब इसके उपयोग के नए रास्तों पर भी विचार कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास केवल पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने तक सीमित नहीं है। डीजल में जैव ईंधन आधारित योजकों (एडिटिव्स) के इस्तेमाल की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
इसका मतलब है कि आने वाले समय में भारत की ईंधन नीति में जैव ईंधन की भूमिका और बढ़ सकती है। हालांकि, पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रण कब और किस अनुपात में लागू होगा, इसकी अंतिम नीति और समयसीमा स्पष्ट होना बाकी है।



