गांधीनगर के कुडासण में निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत का ढांचा टूटा, 15 श्रमिकों को बचाया गया

गांधीनगर के कुडासण क्षेत्र में बुधवार रात एक निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत में बड़ा हादसा हो गया। ‘बोसकी द एम्पायर’ नामक निर्माण स्थल पर चौथी मंजिल पर सेंटिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान दो इकाइयों के बीच बनाया जा रहा लोहे का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के समय निर्माण स्थल पर करीब 15 श्रमिक काम कर रहे थे। सूचना मिलते ही गांधीनगर अग्निशमन विभाग की 5 से अधिक गाड़ियां और बचाव दल मौके पर पहुंचा। दमकलकर्मियों ने मलबा हटाकर फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

सभी 15 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

राहत और बचाव अभियान के दौरान सुबह तक सभी 15 श्रमिकों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। इनमें से 12 श्रमिक घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहीं, उपचार के बाद 3 श्रमिकों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई

राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई

108 एंबुलेंस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची

हादसे की गंभीरता को देखते हुए 108 एंबुलेंस की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। मलबे से बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। दमकल और बचाव दल ने देर रात तक मलबा हटाने का काम जारी रखा।

ठेकेदारों को लेकर श्रमिकों ने लगाए आरोप

घायल श्रमिकों के दावे के अनुसार, निर्माण कार्य में प्रवीण मेडा, शाहिल और यश चौधरी नामक तीन ठेकेदार जुड़े हुए हैं। आरोप है कि हादसे के समय ये लोग मौके पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच की जा रही है।