मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन में नहीं जाऊंगा, मुझे शर्म आती है: नितिन गडकरी

Mumbai-Goa Highway: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे परियोजना में हो रही देरी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा होने में अनुमान से कहीं अधिक समय लग गया है। उन्होंने कहा कि इतनी देरी के कारण उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है और इसलिए परियोजना पूरी होने के बाद होने वाले औपचारिक उद्घाटन समारोह में वह शामिल नहीं होंगे।

भूमि अधिग्रहण और तकनीकी अड़चनों से हुई देरी

मुंबई-गोवा हाईवे महाराष्ट्र और गोवा के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुराने दो लेन वाले मार्ग को चार लेन में बदलने की इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया, तकनीकी चुनौतियों और अन्य कारणों के चलते लगातार देरी होती रही।

लंबे समय तक निर्माण कार्य चलने के कारण स्थानीय लोगों और इस मार्ग पर नियमित यात्रा करने वाले वाहन चालकों को यातायात जाम, खराब सड़क और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा है।

अक्टूबर में खुद सड़क का निरीक्षण करेंगे गडकरी

उत्तर पणजी में यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाए गए 5.15 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के उद्घाटन कार्यक्रम में गडकरी ने परियोजना की स्थिति पर भी बात की।

उन्होंने कहा कि अब वह हाईवे के उद्घाटन के लिए किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार नहीं कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी बचा निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जाएगा।

गडकरी ने हालिया बैठक का हवाला देते हुए बताया कि हाईवे का करीब 93-94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में वह खुद मुंबई हवाई अड्डे पर उतरकर सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे और इस दौरान हाईवे की स्थिति तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे।

2011 में शुरू हुई थी चार लेन की परियोजना

मुंबई और गोवा के बीच पुराने दो लेन वाले हाईवे को चार लेन में बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना 2011 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 12 घंटे से घटाकर लगभग 6 घंटे करना था।

हालांकि, परियोजना शुरू हुए करीब 15 साल बीत जाने के बावजूद हाईवे के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों का काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा, तैयार हो चुके कुछ हिस्सों में सड़क की खराब स्थिति और निर्माण संबंधी कमियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद काम की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे हैं।