रातों-रात राघव चड्ढा का नाम मतदाता सूची में जुड़ा? AAP के आरोपों पर भाजपा नेता का पलटवार

AAP-BJP Delhi Voter List Controversy: दिल्ली की मतदाता सूची में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि उनका नाम मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद कथित तौर पर “पिछले दरवाजे” से जोड़ा गया। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल बताते हुए निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। दूसरी ओर, भाजपा में शामिल हो चुके राघव चड्ढा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

मसौदा सूची में 746 नाम, बाद में 747वें नंबर पर चड्ढा

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट (AC-39) के भाग संख्या 46 की मतदाता सूची में क्रमांक 747 पर दर्ज है।

AAP नेताओं अनू्राग ढांडा और सौरभ भारद्वाज ने इसी बिंदु को लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि 31 अगस्त को जारी मसौदा सूची में 746 मतदाता थे, तो उसके बाद 747वें क्रमांक पर राघव चड्ढा का नाम किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया?

AAP ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना नाम जोड़ा गया। पार्टी ने इसे मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का गंभीर सवाल बताया है।

राघव चड्ढा ने आरोपों को बताया निराधार

राघव चड्ढा ने AAP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया और दिशानिर्देशों का पालन किया है।

उन्होंने AAP पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा उनके खिलाफ लगातार किसी न किसी मुद्दे को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। चड्ढा ने यह भी कहा कि AAP को मतदाता सूची और पार्टी सदस्यता रजिस्टर के बीच अंतर समझना चाहिए

पहले पंजाब की मतदाता सूची से हटाया गया था नाम

राघव चड्ढा पहले पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) विधानसभा क्षेत्र के मतदाता थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पंजाब में ही मतदान किया था।

अगस्त की शुरुआत में उनका नाम पंजाब की मतदाता सूची से “स्थायी रूप से स्थानांतरित” होने के आधार पर हटा दिया गया था। चड्ढा ने उस समय इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था।

3 सितंबर को उन्होंने कहा था कि वह पंजाब में दोबारा अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश करेंगे। इसी बीच दिल्ली की मतदाता सूची में उनका नाम सामने आने के बाद AAP ने सवाल उठाए हैं।

निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया को लेकर क्या कहा?

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से की जाती है।

अधिकारियों के अनुसार:

  • मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नए नाम जोड़े जा सकते हैं।
  • 8 सितंबर तक दिल्ली में नए नाम जोड़ने से संबंधित करीब 700 आवेदन मंजूर किए जा चुके थे।
  • नए जोड़े गए नाम ऑनलाइन देखे जा सकते हैं।
  • अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित होने की बात कही गई है।
  • इसके बाद पूरक सूची 4 नवंबर को जारी की जानी है।

अधिकारियों के जवाब भी चर्चा में

मामले को लेकर मीडिया द्वारा अधिकारियों से संपर्क किए जाने पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। मीडिया अधिकारी उर्मिला ने भी ऑनलाइन सूची में हुए बदलाव की पुष्टि की।

हालांकि, संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी से संपर्क करने पर नेटवर्क समस्या का हवाला देकर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। संबंधित बूथ स्तर के अधिकारी ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया।

अंतिम मतदाता सूची के बाद तस्वीर होगी साफ

फिलहाल विवाद दो अलग-अलग दावों के बीच है। AAP प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है, जबकि राघव चड्ढा और निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत नाम जोड़ने का है।

अब अंतिम मतदाता सूची और संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही यह अधिक स्पष्ट होगा कि राघव चड्ढा का नाम किस आवेदन और किस प्रक्रिया के तहत दिल्ली की मतदाता सूची में जोड़ा गया।