
Groundnut Oil Prices: गुजरात में मूंगफली की अच्छी पैदावार और इस वर्ष सामान्य से अधिक बुवाई के बावजूद मूंगफली के तेल की कीमतों में तेजी जारी है। सातम-आठम के त्योहारों के बाद राजकोट तेल बाजार में मूंगफली तेल के डिब्बे की कीमत में फिर बढ़ोतरी हुई है। 30 रुपये की ताजा वृद्धि के बाद कीमत 2,970 से 3,020 रुपये प्रति डिब्बे के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है।
एक साल में 500 से 600 रुपये तक महंगा हुआ तेल
पिछले वर्ष गुजरात में मूंगफली का उत्पादन करीब 52 लाख टन रहा था। उस समय मूंगफली तेल का डिब्बा लगभग 2,400 से 2,500 रुपये में बिक रहा था।
इस वर्ष मूंगफली का उत्पादन और बुवाई दोनों मजबूत रहने के बावजूद तेल की कीमत में पहले ही करीब 500 से 600 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
जन्माष्टमी से पहले त्योहार के कारण कीमतों में आंशिक कमी करते हुए मूंगफली तेल का डिब्बा करीब 2,800 से 2,850 रुपये किया गया था। हालांकि, पिछले चार दिनों में ही इसमें फिर करीब 70 रुपये की वृद्धि हो चुकी है।
बुवाई सामान्य से अधिक, फिर भी कीमतों में तेजी
गुजरात में मूंगफली की सामान्य बुवाई करीब 16.15 लाख हेक्टेयर में होती है। इस वर्ष यह क्षेत्र बढ़कर करीब 20.68 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है।
देशभर में भी मूंगफली की बुवाई का क्षेत्र सामान्य स्तर से अधिक बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में सामान्य बुवाई करीब 46.79 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस वर्ष अब तक करीब 50.45 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है।
पिछले वर्ष भी देश में करीब 50.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली बोई गई थी।
बाजार में पुराना स्टॉक, फिर भी महंगा हो रहा तेल
मूंगफली तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सबसे बड़ा सवाल आपूर्ति को लेकर है। दावा किया जा रहा है कि पिछले वर्ष की मूंगफली का कुछ स्टॉक अभी भी बाजार में उपलब्ध है। वहीं, नवरात्रि के बाद नई मूंगफली की आवक शुरू होने की उम्मीद है।
ऐसे में पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद कीमतों में तेजी ने बाजार व्यवस्था और आपूर्ति प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, बाजार में कीमतों के वास्तविक कारणों में मूंगफली की आवक, तेल मिलों की खरीद, उत्पादन लागत, मांग, स्टॉक की स्थिति और बाजार में आपूर्ति जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं। इसलिए केवल बुवाई अधिक होने के आधार पर तेल की कीमत में गिरावट जरूरी नहीं है।
आम परिवारों के बजट पर बढ़ रहा दबाव
मूंगफली तेल गुजरात के घरों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में डिब्बे की कीमत 3,000 रुपये के पार पहुंचने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वाले परिवारों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ सकता है।
लगातार बढ़ती खाद्य तेल की कीमतों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर है कि नई फसल की आवक बढ़ने के बाद बाजार में मूंगफली और मूंगफली तेल की कीमतों पर कितना दबाव कम होता है।



