आश्चर्य: प्रधानमंत्री मोदी के रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए शी जिनपिंग, होटल लौटने की खबर

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शनिवार शाम भारत मंडपम में आयोजित विशेष रात्रिभोज में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए। इस भोज में ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ सदस्य एवं आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी रात्रिभोज में शामिल हुए। शी जिनपिंग की अनुपस्थिति इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि उन्होंने इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।

मोदी से मुलाकात के बाद होटल लौटे शी जिनपिंग

रिपोर्टों के अनुसार, शी जिनपिंग दिनभर ब्रिक्स सम्मेलन की बैठकों और अन्य कूटनीतिक कार्यक्रमों में शामिल रहे। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और फिर होटल लौट गए। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि व्यस्त कार्यक्रम और थकान के कारण उन्होंने रात्रिभोज में शामिल होने के बजाय आराम करना पसंद किया। हालांकि, शी जिनपिंग के रात्रिभोज में शामिल नहीं होने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।

इसलिए उनकी अनुपस्थिति को भारत-चीन संबंधों में किसी नए तनाव का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।

मोदी-शी बैठक पर रही दुनिया की नजर

शी जिनपिंग की भारत यात्रा करीब सात साल बाद हुई है। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में सीमा पर शांति, व्यापार, आर्थिक संबंधों और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और संबंधों को स्थिर रखने पर जोर दिया।

बैठक के बाद शी जिनपिंग के रात्रिभोज में शामिल न होने से कूटनीतिक हलकों में सवाल जरूर उठे, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक कारण सामने नहीं आया है।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस भी नहीं पहुंचे

रात्रिभोज में शी जिनपिंग के अलावा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी मौजूद नहीं थे। वे सम्मेलन की दिनभर की गतिविधियों में शामिल होने के बाद अपने देश लौट गए थे। उनकी अनुपस्थिति का कारण पहले से स्पष्ट था, जबकि शी जिनपिंग के मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

रात्रिभोज में कई बड़े नेता और मंत्री मौजूद

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित इस रात्रिभोज में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई प्रमुख नेता और भारतीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में पहुंचे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी भी रही।

शाकाहारी व्यंजनों से सजा था रात्रिभोज

रात्रिभोज में भारतीय खानपान और क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रमुखता दी गई। मेहमानों के लिए खांडवी, पनीर लबाबदार, मिलेट पुलाव, गुच्छी आधारित व्यंजन और विभिन्न पारंपरिक मिठाइयों सहित कई तरह के शाकाहारी व्यंजन परोसे गए।

क्या शी की गैरमौजूदगी कोई राजनीतिक संदेश है?

शी जिनपिंग की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चाएं जरूर शुरू हुई हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी या भारत के साथ किसी मतभेद के कारण रात्रिभोज का बहिष्कार किया।

BRICS सम्मेलन के दौरान भारत, चीन और रूस के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। वहीं सम्मेलन के संयुक्त घोषणापत्र में पश्चिम एशिया के संघर्षों समेत कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

इसलिए फिलहाल सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि शी जिनपिंग रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए और होटल लौट गए, लेकिन उनकी अनुपस्थिति की वास्तविक वजह आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।