गुजरात कांग्रेस में बढ़ा अंदरूनी विवाद, बनासकांठा जिला कांग्रेस का पूरा संगठन रद्द

Banaskantha Congress: गुजरात कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी का मामला एक बार फिर सामने आया है। बनासकांठा जिला कांग्रेस समिति के नए संगठन को लेकर प्रदेश और जिला नेतृत्व के बीच विवाद गहरा गया है। जिला कांग्रेस की नई टीम की सोशल मीडिया पर घोषणा किए जाने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषित पूरे संगठन को रद्द कर दिया है।

इस फैसले के बाद बनासकांठा कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और प्रदेश नेतृत्व तथा जिला संगठन के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।

गुलाबसिंह राजपूत की मुश्किलें बढ़ीं

बनासकांठा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुलाबसिंह राजपूत ने प्रदेश संगठन की आधिकारिक मंजूरी लिए बिना ही जिला कांग्रेस की नई टीम की घोषणा सोशल मीडिया के माध्यम से कर दी थी।

नई टीम के गठन के बाद पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी की चर्चा भी सामने आई। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचने के बाद संगठन में अनुशासन और आपसी असहमति को लेकर सवाल उठने लगे।

इसके बाद गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बनासकांठा जिला कांग्रेस के घोषित पूरे संगठन को रद्द कर दिया।

प्रदेश और जिला नेतृत्व आमने-सामने

प्रदेश कांग्रेस के इस फैसले के बाद बनासकांठा के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि प्रदेश की मंजूरी के बिना जिला संगठन की घोषणा किए जाने से कांग्रेस की अंदरूनी व्यवस्था और अनुशासन पर सवाल खड़े हुए हैं।

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बनासकांठा जैसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिले में संगठनात्मक विवाद कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है। फिलहाल प्रदेश नेतृत्व और जिला नेतृत्व के बीच पैदा हुए मतभेद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर जारी है।

अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मामले में हस्तक्षेप करता है या स्थानीय स्तर पर ही विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जाता है।