डायबिटीज से बचना है तो सिर्फ चलना काफी नहीं! रिसर्च में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी बताया जरूरी

Diabetes Prevention: रोजाना पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने के लिए केवल चलने पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। JAMA Network Open में जून 2026 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि नियमित रेजिस्टेंस या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को एरोबिक गतिविधियों के साथ जोड़ने से टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम में और अधिक कमी जुड़ी हुई थी।

1.43 लाख से अधिक लोगों पर हुआ अध्ययन

शोधकर्ताओं ने तीन लंबे समय से चल रहे अमेरिकी स्वास्थ्य अध्ययनों के 1,43,715 वयस्कों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। प्रतिभागियों की औसत निगरानी अवधि करीब 19.2 वर्ष रही और इस दौरान टाइप-2 डायबिटीज के 10,038 नए मामले दर्ज किए गए।

अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने नियमित रूप से रेजिस्टेंस ट्रेनिंग की, उनमें टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम उन लोगों की तुलना में कम था जो ऐसी ट्रेनिंग नहीं करते थे।

कितनी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग फायदेमंद हो सकती है?

अध्ययन के अनुसार, सप्ताह में 2 घंटे या उससे अधिक रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने वालों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बिना रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने वालों की तुलना में लगभग 27% कम जुड़ा था।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को दो घंटे की भारी कसरत करनी ही चाहिए। शोधकर्ताओं ने खास तौर पर नियमितता और लंबे समय तक इस आदत को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

चलने के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का ज्यादा फायदा

अध्ययन में सिर्फ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि वॉकिंग और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के संयोजन को भी देखा गया।

जिन लोगों ने सप्ताह में कम से कम 1 घंटे रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और 3.5 घंटे तेज चाल से चलने जैसी गतिविधि की, उनमें दोनों गतिविधियां कम करने वालों की तुलना में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम काफी कम जुड़ा था।

यानी संदेश यह नहीं है कि चलना छोड़ दें, बल्कि यह है कि पैदल चलने या अन्य एरोबिक गतिविधियों के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने वाली कसरत भी दिनचर्या में शामिल की जाए।

कौन-सी कसरत की जा सकती है?

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग का मतलब केवल जिम में भारी वजन उठाना नहीं है। व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार कई तरह की कसरत कर सकता है, जैसे:

  • स्क्वैट्स
  • लंजेस
  • स्टेप-अप
  • पुश-अप्स
  • रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज
  • हल्के डंबल से व्यायाम
  • वेट मशीन से नियंत्रित व्यायाम

कसरत का स्तर उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता के अनुसार तय करना चाहिए।

मांसपेशियां और ब्लड शुगर का क्या संबंध है?

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग से मांसपेशियों की ताकत और कार्यक्षमता बेहतर होती है। मांसपेशियां शरीर में ग्लूकोज के इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि इंसुलिन संवेदनशीलता और ग्लूकोज के उपयोग से जुड़े कई तंत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

इसी वजह से शोधकर्ताओं ने एरोबिक गतिविधि के साथ रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को डायबिटीज की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण जीवनशैली घटक माना है।

सबसे बेहतर संयोजन क्या मिला?

अध्ययन में जिन लोगों ने एरोबिक गतिविधि, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और कम बैठने वाली जीवनशैली—तीनों सिफारिशों को पूरा किया, उनमें टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम सबसे कम जुड़ा था। शोध में कम से कम 15 MET-घंटे प्रति सप्ताह एरोबिक गतिविधि, 1 घंटे या अधिक रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और रोजाना 2 घंटे से कम टीवी देखने वाले समूह में सबसे कम जोखिम पाया गया।

क्या इससे डायबिटीज पूरी तरह खत्म हो जाएगी?

नहीं। यह अध्ययन एक दीर्घकालिक प्रेक्षणात्मक अध्ययन था। इससे यह साबित नहीं होता कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अकेले डायबिटीज को रोक देगी या किसी व्यक्ति की बीमारी को खत्म कर देगी।

इसके अलावा, अध्ययन में शामिल प्रतिभागी मुख्य रूप से अमेरिकी स्वास्थ्य पेशेवर थे और व्यायाम की जानकारी काफी हद तक स्वयं दी गई थी। इसलिए इसके निष्कर्षों को हर आबादी पर सीधे लागू करते समय सावधानी जरूरी है।

शोध का मुख्य संदेश इतना है कि नियमित चलना या अन्य एरोबिक गतिविधि जारी रखते हुए उसमें रेजिस्टेंस ट्रेनिंग जोड़ना टाइप-2 डायबिटीज की रोकथाम के लिए उपयोगी रणनीति हो सकती है। हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने भी नियमित एरोबिक गतिविधि के साथ सप्ताह में एक-दो बार सरल स्ट्रेंथ एक्सरसाइज जोड़ने की उपयोगिता पर जोर दिया है।