
Dholka Farmers Protest: अहमदाबाद के धोलका तालुका के सरोड़ा गांव में वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और विधायक किरीटसिंह डाभी को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन देने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद मामला गरमा गया। किसानों ने मंत्री की कार को घेरकर एक घंटे से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की।
लंबित मांगों को लेकर किसानों ने रोकी मंत्री की कार
वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और विधायक किरीटसिंह डाभी का काफिला जब सरोड़ा गांव पहुंचा, तो स्थानीय किसान अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए किसानों को मंत्री तक पहुंचने से रोक दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज किसान कार्यक्रम स्थल के बाहर ही एकत्र हो गए और उन्होंने मंत्री की कार का घेराव कर विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल ने किसानों को सड़क के किनारे हटाया। इसके बाद मंत्री और विधायक के काफिले को वहां से रवाना किया गया।
किसानों ने रखीं जमीन से जुड़ी मांगें
किसानों का कहना है कि वे कोई असंभव मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। किसानों ने मांग की कि 17 किसानों को खेती योग्य अच्छी जमीन तत्काल वापस सौंपी जाए।
इसके अलावा किसानों ने ऐसी जमीन, जिस पर कथित तौर पर असामाजिक तत्वों ने अवैध कब्जा कर रखा है, उसे खाली कराने की मांग की।
किसानों ने यह भी कहा कि उनकी जमीन के हस्तांतरण से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक सनद जारी नहीं की गई है। उन्होंने लंबित सनद जारी करने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल, किसानों के विरोध के बाद धोलका के सरोड़ा गांव में जमीन और किसानों की मांगों को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।



