WhatsApp पर डिजिटल शादी का निमंत्रण खोलते ही बैंक खाता खाली: अहमदाबाद के बुजुर्ग ने गंवाए ₹15.45 लाख

Ahmedabad Cyber Crime: WhatsApp पर शादी के डिजिटल निमंत्रण के नाम पर साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। अहमदाबाद के मणिनगर में रहने वाले एक 64 वर्षीय बुजुर्ग इस तरह की ठगी का शिकार हो गए। परिचित के WhatsApp नंबर से आए डिजिटल शादी के निमंत्रण के नाम वाली APK फाइल डाउनलोड करने के बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से करीब ₹15.45 लाख निकाल लिए। मामले में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

शादी के निमंत्रण के नाम पर भेजी APK फाइल

साइबर ठग लोगों को जाल में फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। पहले RTO चालान, गैस बिल या अन्य सेवाओं के नाम पर फर्जी लिंक और APK फाइल भेजकर ठगी की जाती थी। अब इसी तरह का तरीका डिजिटल शादी के निमंत्रण के नाम पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

मणिनगर निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग के WhatsApp पर उनके एक परिचित के नंबर से शादी के निमंत्रण के नाम पर APK फाइल भेजी गई। बुजुर्ग ने फाइल डाउनलोड कर उस पर क्लिक किया। हालांकि, संदेह होने पर उन्होंने तुरंत उसे बंद कर दिया।

लेकिन तब तक कथित तौर पर उनके मोबाइल में हानिकारक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो चुका था और साइबर ठगों ने मोबाइल तक पहुंच हासिल कर ली थी।

एक महीने बाद आने लगे लगातार OTP

घटना के करीब एक महीने बाद जब बुजुर्ग ध्रांगध्रा गए थे, तब उनके मोबाइल पर अचानक कई OTP आने लगे। इससे उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने अपनी पत्नी से बैंक जाकर पासबुक में लेन-देन की जानकारी अपडेट कराने को कहा।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लगातार दो दिनों तक पासबुक में एंट्री नहीं हो सकी। हड़ताल खत्म होने के बाद जब पासबुक अपडेट कराई गई, तो खाते से बड़ी रकम गायब होने का पता चला।

26 UPI ट्रांजेक्शन के जरिए ₹15.45 लाख ट्रांसफर

पासबुक की जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने करीब 26 अलग-अलग UPI लेन-देन के जरिए कुल ₹15.45 लाख विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए थे।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने उस परिचित से संपर्क किया, जिसके नंबर से शादी का निमंत्रण भेजा गया था।

परिचित का फोन पहले ही हो चुका था हैक

पूछताछ करने पर पता चला कि परिचित का मोबाइल फोन पहले ही हैक हो चुका था। कथित तौर पर हैकर्स ने उसके फोन में मौजूद संपर्कों को वायरस वाली APK फाइल भेजी थी।

इसी के जरिए बुजुर्ग भी साइबर ठगों के निशाने पर आ गए। घटना के बाद उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ऐसे APK फाइल से रहें सावधान

किसी परिचित के नंबर से भी WhatsApp पर आई अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। शादी के निमंत्रण, बैंक, बिजली बिल, सरकारी चालान या किसी अन्य बहाने से भेजी गई संदिग्ध फाइल पर क्लिक करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।