उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों से जुड़े 1,399 भूकंप, माउंट मंताप के भ्रंश हुए सक्रिय

North Korea Nuclear Tests: उत्तर कोरिया के भूमिगत परमाणु परीक्षणों के लंबे समय बाद भी उनके भूगर्भीय प्रभाव दिखाई दे सकते हैं। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में माउंट मंताप के आसपास वर्ष 2008 से 2025 के बीच 1,399 स्थानीय भूकंप दर्ज किए गए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, उत्तर कोरिया के बार-बार किए गए परमाणु विस्फोटों ने इलाके की चट्टानों और भूगर्भीय तनाव को प्रभावित किया हो सकता है, जिससे पहले से मौजूद भ्रंश दोबारा सक्रिय हुए।

उत्तर कोरिया ने माउंट मंताप के नीचे स्थित पुँग्ये-री परमाणु परीक्षण स्थल पर 2006 से 2017 के बीच छह भूमिगत परमाणु परीक्षण किए थे। सबसे बड़ा परीक्षण सितंबर 2017 में हुआ था। इसके बाद इलाके में भूकंपीय गतिविधि सामान्य परमाणु परीक्षणों के बाद देखे जाने वाले पैटर्न से अलग तरीके से बढ़ती रही।

2017 के परमाणु परीक्षण के बाद बढ़ी भूकंपीय गतिविधि

अध्ययन में चीन और दक्षिण कोरिया के भूकंपीय निगरानी केंद्रों से वर्ष 2008 से 2025 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। ये केंद्र माउंट मंताप से लगभग 80 से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित थे।

शोधकर्ताओं ने पाया कि 2013 में उत्तर कोरिया के तीसरे परमाणु परीक्षण के बाद इलाके में पहला उल्लेखनीय भूकंप दर्ज हुआ। हालांकि, 2017 तक भूकंपीय गतिविधि सीमित रही। सितंबर 2017 में उत्तर कोरिया के छठे और सबसे बड़े परमाणु परीक्षण के बाद इसमें उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।

खास बात यह रही कि 2017 के विस्फोट के बाद भूकंपों की गतिविधि कुछ दिनों या हफ्तों में कम होने के बजाय लगभग तीन सप्ताह बाद बढ़ने लगी और 2025 तक जारी रही। भूकंपों की संख्या और उनकी तीव्रता, दोनों में समय के साथ वृद्धि दर्ज की गई।

परमाणु विस्फोटों से सक्रिय हुए पुराने भ्रंश?

वैज्ञानिकों ने 1,399 भूकंपों में से 955 की स्थिति को अधिक सटीकता से निर्धारित किया। इनमें से कई भूकंप लगभग उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में मौजूद दो भ्रंश संरचनाओं के आसपास केंद्रित पाए गए।

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि बार-बार हुए भूमिगत परमाणु विस्फोटों ने ऊपरी भू-पर्पटी में मौजूद चट्टानों को कमजोर किया और वहां के भूगर्भीय तनाव को बदला। इससे ऐसे भ्रंश सक्रिय हो सकते हैं जो पहले से ही टूटने की स्थिति के करीब थे।

हालांकि, अध्ययन यह नहीं कहता कि 1,399 में से हर भूकंप सीधे परमाणु विस्फोटों के कारण आया। वैज्ञानिकों ने परमाणु परीक्षणों और बाद की भूकंपीय गतिविधि के बीच मजबूत संबंध के संकेत पाए हैं, लेकिन इसे पूरी तरह प्रत्यक्ष कारण-परिणाम के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

दो हजार साल तक अपेक्षाकृत शांत था क्षेत्र

अध्ययन की रिपोर्टिंग के अनुसार, माउंट मंताप और आसपास का क्षेत्र ऐतिहासिक रिकॉर्ड में लंबे समय तक बेहद कम भूकंपीय गतिविधि वाला रहा था। इसी वजह से हाल के वर्षों में लगातार बढ़ती भूकंपीय गतिविधि वैज्ञानिकों के लिए विशेष रुचि का विषय बनी है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन इस बात को समझने में महत्वपूर्ण हो सकता है कि भूमिगत परमाणु विस्फोटों का प्रभाव विस्फोट के तत्काल बाद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कुछ परिस्थितियों में भूगर्भीय संरचनाओं पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।

उत्तर कोरिया का नया सैन्य अभ्यास

इस बीच, उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं। सरकारी समाचार एजेंसी KCNA की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया ने मिसाइलों, तोपखाने और ड्रोन से जुड़ी संयुक्त सैन्य गतिविधियों का अभ्यास किया है।

इससे पहले दक्षिण कोरियाई सेना ने भी उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण की जानकारी दी थी। परमाणु परीक्षणों से जुड़े भूगर्भीय प्रभावों और उत्तर कोरिया की जारी सैन्य गतिविधियों के कारण क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।