मलेशिया के वर्क वीजा के नाम पर एजेंट ने 1 लाख से ज्यादा रुपये ठगे

Vadodara Visa Fraud: मलेशिया में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट वीजा दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 1 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर मकरपुरा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

वडोदरा के हालोल-कंजरी रोड स्थित धवल पार्क सोसायटी में रहने वाले करणसिंह नटवरसिंह जादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फरवरी 2025 में उन्होंने विदेश में नौकरी से संबंधित नारायणी कंसल्टेंसी का विज्ञापन देखा था।

40-45 हजार रुपये वेतन और मुफ्त सुविधाओं का दिया भरोसा

शिकायत के अनुसार, कंसल्टेंसी से जुड़े गौरव शुक्ला ने करणसिंह को मलेशिया में हर महीने 40 से 45 हजार रुपये वेतन, मुफ्त रहने-खाने और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था।

उसे बताया गया कि वर्क वीजा के लिए करीब 1 लाख रुपये शुल्क देना होगा। भरोसा करके करणसिंह ने अलग-अलग चरणों में ऑनलाइन 85 हजार रुपये का भुगतान किया। दोनों पक्षों के बीच स्टांप पेपर पर एक समझौता भी हुआ।

शिकायत के मुताबिक, गौरव शुक्ला ने कहा था कि पहले करणसिंह को विजिटर वीजा पर मलेशिया भेजा जाएगा और वहां एजेंट चंद्रन रमण उनकी नौकरी की व्यवस्था करेगा।

विजिटर वीजा पर मलेशिया भेजा

गौरव शुक्ला ने कथित तौर पर करणसिंह को एक महीने के विजिटर वीजा पर 13 अक्टूबर 2025 को मलेशिया भेज दिया। उन्हें भरोसा दिया गया था कि मलेशिया पहुंचने के बाद वर्क वीजा की व्यवस्था कर दी जाएगी।

लेकिन मलेशिया पहुंचने के बाद वहां की कंपनी के मालिक ने कथित तौर पर बताया कि मुफ्त भोजन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी और वेतन भी केवल 22 हजार रुपये होगा।

इसके बाद करणसिंह को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत गौरव शुक्ला से संपर्क किया।

वापसी की टिकट रद्द करने का आरोप

शिकायत में करणसिंह ने आरोप लगाया है कि मदद करने के बजाय गौरव शुक्ला ने उनकी भारत वापसी की टिकट रद्द कर दी। इसके बाद उन्हें करीब एक महीने तक मलेशिया में अपने खर्च पर रहना और खाना पड़ा।

आखिरकार करणसिंह 10 नवंबर 2025 को भारत लौटे। भारत वापस आने के बाद उन्होंने मकरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।