ऐसे जीते जाएंगे मेडल? एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के सामने मुश्किलें, बसों के लिए 3 घंटे तक करना पड़ा इंतजार

Asian Games Shooting India: एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों के सामने लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परेशानियां चुनौती बनी हुई हैं। परिवहन व्यवस्था में देरी के बावजूद भारतीय शूटिंग टीम से पदक की उम्मीदें कायम हैं। आज पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में भारत के पास पदक जीतने का मौका है।

परिवहन और आवाजाही बनी बड़ी चुनौती

जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय शूटिंग टीम को यात्रा और परिवहन से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार होने वाली देरी का असर महत्वपूर्ण स्पर्धाओं से पहले खिलाड़ियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर पड़ रहा है।

15 सितंबर को पहुंचने के बाद से ही निशानेबाजों और कोचों को एयरपोर्ट तथा बस पिक-अप प्वाइंट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। भीड़भाड़ वाली परिवहन व्यवस्था ने टीम की तैयारियों को और मुश्किल बना दिया है।

खिलाड़ियों और कोचों को घंटों करना पड़ा इंतजार

रिपोर्ट के अनुसार, 17 सितंबर को कई खिलाड़ी और कोच बसों के लिए करीब 3 घंटे तक इंतजार करते रहे। इसके बाद 18 और 19 सितंबर को अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई, लेकिन इसके बावजूद टीम के सभी सदस्य प्रशिक्षण के लिए शूटिंग रेंज तक नहीं पहुंच सके।

20 सितंबर को स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। पर्याप्त सीटें उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ कोचों को बस से उतरना पड़ा। इसके चलते प्रशिक्षण सत्र शुरू होने से पहले निशानेबाजों को अपने कोचों के पहुंचने का इंतजार करना पड़ा।

यात्रा में लग रहा है अनुमान से दोगुना समय

21 सितंबर को आयोजन स्थल पर भारी भीड़ और प्रवेश के लिए लंबी कतारों के कारण टीम को बसों के अंदर भी करीब 20 मिनट अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा।

आयोजकों के अनुमान के मुताबिक, यात्रा में औसतन करीब 80 मिनट लगने थे। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार अब यह सफर दो घंटे से अधिक समय ले रहा है। इससे भारतीय निशानेबाजों की प्रशिक्षण योजनाओं पर असर पड़ रहा है।

लॉजिस्टिक्स की इन चुनौतियों के बीच भारतीय शूटिंग टीम की नजर अब प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन और पदक की संभावनाओं पर है।