
Ahmedabad News: अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में एक पुलिस कांस्टेबल पर शराब के नशे में कार चलाकर दुर्घटना करने का आरोप लगा है। आरोप है कि तेज रफ्तार क्रेटा कार ने एक्टिवा को पीछे से टक्कर मार दी, जिस पर एक व्यक्ति अपनी 15 वर्षीय भतीजी के साथ सवार था। हादसे में किशोरी घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि कार चालक की पहचान नरोडा पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल गौरांग बलदेव दवे के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
21 सितंबर की रात हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर की रात करीब 11 बजे कासिंद्रा निवासी 40 वर्षीय आशीष महेंद्रभाई पटेल अपनी 15 वर्षीय भतीजी को पीछे बैठाकर एक्टिवा से सप्तेश्वर महादेव मंदिर के पास से चांदखेड़ा की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान स्नेह प्लाजा रोड की ओर से आ रही क्रेटा कार ने एक्टिवा को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि एक्टिवा सवार चाचा-भतीजी सड़क पर गिर गए।
हादसे में किशोरी के बाएं पैर और हाथ में गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने कार चालक को पकड़ा
हादसे के बाद कार चालक कथित तौर पर मौके से निकलने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया।
मामले की जानकारी सामने आने पर पता चला कि कार चला रहा व्यक्ति नरोडा पुलिस स्टेशन में कांस्टेबल के पद पर तैनात गौरांग दवे है। शिकायत के अनुसार, घटना के समय उसके शराब के नशे में होने का आरोप है।
स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसके बाद चांदखेड़ा पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की।
कांस्टेबल गिरफ्तार, कार जब्त
पुलिस ने इस मामले में कांस्टेबल गौरांग दवे को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। दुर्घटना में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
मामले की आगे जांच की जा रही है और पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
नरोडा पुलिस स्टेशन पहले भी विवादों में रहा
इस घटना के बीच नरोडा पुलिस स्टेशन से जुड़े एक पुराने विवाद का भी उल्लेख सामने आया है। यूजर द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी एक कर्मचारी पर कथित तौर पर अवैध वसूली से जुड़े आरोप लगे थे और उसे निलंबित किया गया था।
हालांकि, मौजूदा दुर्घटना और पुराने मामले को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। वर्तमान मामले में कांस्टेबल के खिलाफ दर्ज आरोपों और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।



