
वॉशिंगटन: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका पहुंच गए हैं। 23 सितंबर को उनके वॉशिंगटन पहुंचने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक असामान्य राजनयिक कदम उठाते हुए जॉइंट बेस एंड्रयूज पर खुद पहुंचकर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया।
ट्रंप के इस स्वागत को अमेरिकी राष्ट्रपति के सामान्य प्रोटोकॉल से अलग माना जा रहा है। शी जिनपिंग की यह करीब तीन साल बाद अमेरिका की यात्रा है और दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब व्यापार, प्रौद्योगिकी, ताइवान, ईरान और महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर दोनों देशों के बीच कई मुद्दे लंबित हैं।
जॉइंट बेस एंड्रयूज पर ट्रंप ने खुद किया स्वागत
शी जिनपिंग के विमान के जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचने पर ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने विमान के पास जाकर चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का स्वागत किया। वहां सैन्य बैंड ने प्रस्तुति दी और औपचारिक तोपों की सलामी भी दी गई।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, किसी विदेशी नेता का विमान के पास जाकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा व्यक्तिगत स्वागत करना हाल के वर्षों में बेहद दुर्लभ रहा है। इससे पहले 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पोप फ्रांसिस का इसी तरह स्वागत किया था।
इसके बाद दोनों नेताओं ने संक्षिप्त बातचीत की और हाथ मिलाया। मुख्य द्विपक्षीय बैठक 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में निर्धारित है।
10 जनवरी 2027 तक बढ़ा व्यापार युद्धविराम
शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने से पहले ही अमेरिका और चीन के बीच एक अहम आर्थिक सहमति बनी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है।
यह समझौता पहले 10 नवंबर 2026 को समाप्त होना था। न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद इसे करीब दो महीने आगे बढ़ाया गया है।
इस अवधि का इस्तेमाल दोनों देश टैरिफ, दुर्लभ खनिजों, कृषि उत्पादों और अन्य व्यापारिक मुद्दों पर आगे की बातचीत के लिए कर सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने गैर-संवेदनशील वस्तुओं पर कुछ शुल्क कम करने की संभावना का भी संकेत दिया है।
व्यापार के साथ AI और दुर्लभ खनिज भी अहम मुद्दे
ट्रंप-शी बैठक में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), दुर्लभ पृथ्वी तत्व और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति भी प्रमुख मुद्दे रहने की संभावना है।
अमेरिका चाहता है कि चीन दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दे। ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए महत्वपूर्ण हैं। वहीं दोनों देशों के बीच AI तकनीक में प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ रही है।
ताइवान पर भी होगी अहम बातचीत
अमेरिका-चीन संबंधों में ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक है। बीजिंग ताइवान पर अपना दावा करता है, जबकि अमेरिका ताइवान के साथ रक्षा संबंध बनाए रखता है।
ट्रंप प्रशासन के सामने ताइवान से जुड़े एक बड़े हथियार पैकेज का मुद्दा भी है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 14 अरब डॉलर का अमेरिकी हथियार पैकेज अभी अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में है। चीन इस तरह की अमेरिकी हथियार बिक्री का विरोध करता रहा है।
ट्रंप ने अतीत में ताइवान को हथियारों की बिक्री को अमेरिका-चीन वार्ता में एक संभावित सौदेबाजी के मुद्दे के रूप में भी पेश किया है।
ईरान और तेल का मुद्दा भी चर्चा में
ईरान को लेकर जारी संघर्ष भी ट्रंप और शी की बातचीत का एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। चीन ईरान के साथ घनिष्ठ आर्थिक और राजनयिक संबंध रखता है तथा वह ईरानी तेल का बड़ा खरीदार है।
अमेरिका चीन से ईरानी तेल की खरीद कम करने के लिए दबाव डाल रहा है। दूसरी ओर, चीन का मानना है कि ईरान के साथ उसके संबंधों का इस्तेमाल तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
व्हाइट हाउस में होगा भव्य स्टेट डिनर
24 सितंबर को व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अमेरिका के कई प्रमुख कारोबारी और तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों के शामिल होने की उम्मीद है।
मेहमानों में एनवीडिया के जेनसन हुआंग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और एप्पल के टिम कुक समेत कई प्रमुख कारोबारी नाम शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक जेफ बेजोस, एलन मस्क, सुंदर पिचाई और अन्य शीर्ष कारोबारी भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि टिम कुक ने हाल में एप्पल के सीईओ पद से इस्तीफा दिया है, इसलिए उन्हें मौजूदा सीईओ के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
दोनों नेताओं की आगे भी हो सकती है मुलाकात
शी जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा शुक्रवार तक चलने की योजना है। इस दौरान व्हाइट हाउस में औपचारिक बातचीत के अलावा राष्ट्रीय अभिलेखागार का दौरा भी कार्यक्रम में शामिल है। दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत नवंबर में चीन में होने वाले APEC सम्मेलन या दिसंबर में अमेरिका में होने वाली G20 बैठक के दौरान भी हो सकती है।
फिलहाल अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाया गया है। हालांकि, व्यापार, AI, दुर्लभ खनिज, ताइवान और ईरान जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी बने हुए हैं। इसलिए यह यात्रा दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रखने का महत्वपूर्ण अवसर है, जबकि किसी बड़े समझौते के अंतिम परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं।



