
अहमदाबाद: अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में शहर में प्रदूषण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। नगर निगम आयुक्त ने साबरमती नदी और खारीकट नहर में दूषित पानी छोड़ने वाले सभी आउटफ्लो कनेक्शन एक सप्ताह के भीतर बंद करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने सभी जोन के उपायुक्तों को अगली साप्ताहिक समीक्षा बैठक में इस कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा। बैठक में यह बात भी सामने आई कि वर्तमान में साबरमती में दूषित पानी छोड़ने वाले कनेक्शनों की कुल संख्या का स्पष्ट आंकड़ा अधिकारियों के पास उपलब्ध नहीं है।
दूषित पानी के कनेक्शन पर होगी कार्रवाई
AMC आयुक्त ने अधिकारियों को साबरमती नदी और खारीकट नहर में जाने वाले दूषित पानी के सभी आउटफ्लो की पहचान कर उन्हें बंद करने के निर्देश दिए हैं।
अब अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि ऐसे कितने कनेक्शन हैं और उनमें से कितनों पर कार्रवाई की गई है। अगली समीक्षा बैठक में इसकी रिपोर्ट पेश की जाएगी।
सड़क से सब्जी विक्रेताओं को नजदीकी बाजारों में भेजने के निर्देश
सड़क किनारे सब्जी और फल बेचने वाले विक्रेताओं के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा हुई। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे विक्रेताओं को उनके आसपास मौजूद सब्जी बाजारों में स्थानांतरित किया जाए, लेकिन उनके खिलाफ अनावश्यक सख्ती या उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को विक्रेताओं की मदद करते हुए व्यवस्थित तरीके से उन्हें बाजारों में स्थान देने पर जोर दिया।
GIS मैपिंग के बिना प्रोजेक्ट बिल रोकने के निर्देश
ब्रिज, सड़क और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर भी नगर निगम आयुक्त ने निर्देश दिए। जिन परियोजनाओं में अभी तक GIS मैपिंग नहीं हुई है, उनसे जुड़े काम के बिलों का भुगतान रोकने की बात कही गई।
इसके अलावा बिना पूर्व अनुमति के 100 दिनों से अधिक समय से अनुपस्थित सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
100 किलो से ज्यादा कचरा पैदा करने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीकरण
शहर में प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थानों और इकाइयों का जल्द से जल्द पंजीकरण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
नगर निगम का उद्देश्य ऐसे बड़े कचरा उत्पादकों की पहचान कर उनके कचरे के प्रबंधन और निपटान की निगरानी करना है।
अगले मानसून से पहले वाटर लॉगिंग की तैयारी
आगामी मानसून में बारिश का पानी जमा होने की समस्या से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि मानसून से पहले शहर में 138 वाटर लॉगिंग स्पॉट की पहचान की गई थी। इसके बावजूद इस बार 200 से अधिक स्थानों पर जलभराव की स्थिति सामने आई।
इस पर सवाल उठे कि जलभराव वाले स्थानों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ी क्यों। आयुक्त ने अगले मानसून से पहले इन स्थानों के लिए प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
‘काउंसिलर ही लोगों से शिकायत करवाते हैं’
मध्य जोन में प्राथमिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें CCRS के माध्यम से अधिक आने का मुद्दा भी बैठक में उठा।
उपायुक्त रम्य भट्ट ने कथित तौर पर कहा कि कुछ स्थानीय काउंसिलर ही लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इस पर नगर निगम आयुक्त ने कहा कि अगर नागरिक अपनी समस्याएं शिकायत के माध्यम से सामने ला रहे हैं तो यह नगर निगम के लिए अच्छी बात है, क्योंकि प्रशासन का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का समाधान करना है।
पश्चिमी जोन में सिर्फ 500 मीटर TP रोड खुला
पश्चिमी जोन में करीब 15 किलोमीटर TP रोड खोलने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, बैठक में बताया गया कि इसके मुकाबले केवल 500 मीटर सड़क ही खोली जा सकी।
जब आयुक्त ने इसकी वजह पूछी तो संबंधित जोन के अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कारण पूरा स्टाफ वहां तैनात था, जिसके चलते TP रोड खोलने का काम प्रभावित हुआ।
अधिकारियों को सार्वजनिक शौचालयों की संख्या की जानकारी नहीं
बैठक में शहर के सार्वजनिक शौचालयों को लेकर भी सवाल उठे। अहमदाबाद में कुल कितने सार्वजनिक शौचालय हैं, उनमें से कितने भुगतान वाले और कितने सामान्य उपयोग के हैं तथा इनके संचालन से कितनी एजेंसियां जुड़ी हैं—इन सवालों पर ठोस आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
इस पर नगर निगम प्रशासन के सामने शहर की मौजूदा नागरिक सुविधाओं और उनके संचालन से जुड़े डेटा को व्यवस्थित रखने की आवश्यकता का मुद्दा सामने आया।



