अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: एक और घायल की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 10; हादसे के लिए जिम्मेदार कौन?

Ahmedabad Firecracker Factory Blast: अहमदाबाद के वस्त्राल क्षेत्र में स्थित अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में एक और घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। गंभीर रूप से झुलसे अजय डामोर ने सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। फिलहाल चार अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें एक महिला की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

95 प्रतिशत झुलसे मजदूर ने तोड़ा दम

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि हादसे के बाद कुल पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें एक महिला और चार पुरुष शामिल थे।

उन्होंने बताया कि एक पुरुष मरीज 95 प्रतिशत से अधिक और एक महिला 75 प्रतिशत से अधिक झुलसी हुई थी। दोनों का आईसीयू में इलाज चल रहा था। इनमें से 95 प्रतिशत झुलसे अजय डामोर की सोमवार तड़के करीब 2:15 बजे उपचार के दौरान मौत हो गई।

रोजी-रोटी कमाने आए मजदूरों की गई जान

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 मजदूरों की जान जा चुकी है। मृतकों में अधिकांश मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए यहां काम करने आए थे।

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हालांकि, स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों में हादसे को लेकर भारी आक्रोश है।

जांच के घेरे में अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था

हादसे के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं—

  • फैक्ट्री को संचालन की अनुमति किसने दी?
  • क्या विस्फोटक सामग्री के भंडारण के लिए वैध लाइसेंस और एनओसी (NOC) थी?
  • क्या अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था?
  • संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया गया?

इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे बड़े हादसे

गुजरात में इससे पहले भी राजकोट गेम ज़ोन अग्निकांड, सूरत तक्षशिला अग्निकांड और डीसा पटाखा फैक्ट्री हादसा जैसी बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की बात कही गई थी।

ताजा हादसे के बाद एक बार फिर अवैध फैक्ट्रियों और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार थी।