
World News: अमेरिका और भारत के बीच व्यापार एवं टैरिफ को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिकी सीनेट ने रूस पर कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में रूस से ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। यदि यह कानून बनता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति को ऐसे देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है।
सीनेट में भारी बहुमत से पारित हुआ विधेयक
रिपोर्टों के अनुसार, यह विधेयक दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा तैयार किया गया था और इसे अमेरिकी सीनेट में 86-12 के मतों से मंजूरी मिली।
हालांकि, विधेयक अभी कानून नहीं बना है और इसके प्रभावी होने से पहले आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
किन देशों पर पड़ सकता है असर?
विधेयक के अनुसार, यदि इसे अंतिम मंजूरी मिलती है तो रूस से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अमेरिका 100% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर सकता है।
रिपोर्टों में जिन देशों का उल्लेख किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- भारत
- चीन
- स्लोवाकिया
- हंगरी
- अज़रबैजान
भारत के लिए क्यों अहम है यह मामला?
रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के दौरान भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाया था।
यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है और अमेरिका इसके तहत टैरिफ लागू करता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और ऊर्जा आयात पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
अब आगे क्या होगा?
सीनेट से पारित होने के बाद यह विधेयक हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पेश किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।
राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून बनेगा। इसके बाद भी टैरिफ स्वतः लागू नहीं होंगे, बल्कि राष्ट्रपति को परिस्थितियों के अनुसार उनका उपयोग करने का अधिकार मिलेगा।
