बड़ा घोटाला: 30 से 50 हजार रुपये कमीशन का लालच देकर खाते में जमा कराते थे 9 लाख, 2000 की बंद नोटें बदलने का आरोप

अहमदाबाद में 2000 रुपये की बंद नोटों को बदलने के कथित रैकेट का खुलासा, RBI के पूर्व कर्मचारी समेत चार लोग गिरफ्तार

Ahmedabad ₹2000 Currency Note Change Scam: अहमदाबाद में 2000 रुपये मूल्यवर्ग की बंद की जा चुकी नोटों को रिजर्व बैंक में जमा कराने के नाम पर कथित तौर पर कमीशन देकर बैंक खाते उपलब्ध कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में लोगों को उनके बैंक खाते में 9 लाख रुपये जमा कराने के बदले 30 से 50 हजार रुपये तक कमीशन देने का लालच दिया जाता था। इस मामले में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के एक पूर्व कर्मचारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है।

2000 रुपये की नोटें जमा कराने के लिए बनाया कथित नेटवर्क

केंद्र सरकार ने 19 मई 2023 को 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी। इसके बाद लोगों को बैंक शाखाओं में इन नोटों को जमा कराने या बदलने के लिए समय दिया गया था। 7 अक्टूबर 2023 के बाद 2000 रुपये के नोट जमा करने की सुविधा RBI की 19 क्षेत्रीय शाखाओं के माध्यम से जारी रखी गई।

आरोप है कि बड़ी मात्रा में 2000 रुपये की नोटें रखने वाले लोगों ने निगरानी और जांच से बचने के लिए एक कथित नेटवर्क के जरिए इन्हें RBI में जमा कराने की व्यवस्था की।

9 लाख रुपये जमा कराने पर 30 से 50 हजार रुपये कमीशन

मामले के अनुसार, इरफान उर्फ चाइना नाम का व्यक्ति लोगों को उनके बैंक खाते में 9 लाख रुपये जमा कराने के बदले करीब 30 हजार रुपये कमीशन देने का लालच देता था। कुछ मामलों में कमीशन की रकम 50 हजार रुपये तक होने की बात भी सामने आई है।

आरोप है कि कोई व्यक्ति तैयार होने पर उसकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और बैंक खाते से जुड़े अन्य दस्तावेज ले लिए जाते थे। इसके बाद कथित तौर पर उस खाते का इस्तेमाल 2000 रुपये की बंद नोटें जमा कराने के लिए किया जाता था।

RBI शाखा में जमा कराने का कथित तरीका

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, इरफान उर्फ चाइना कथित तौर पर प्रफुल्ल दंताणी और वैशाली दंताणी से संपर्क करता था। आरोप है कि दोनों 2000 रुपये की बंद नोटों में 9 लाख रुपये लेकर आश्रम रोड स्थित RBI शाखा पहुंचते थे।

वहां बैंक खाते से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर जरूरी प्रक्रिया पूरी कराकर रकम जमा कराई जाती थी।

पूर्व RBI कर्मचारी पर भी मिलीभगत का आरोप

मामले में राजू नाम के RBI के पूर्व कर्मचारी पर भी कथित नेटवर्क के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि वह अन्य कर्मचारियों के साथ संपर्क में रहकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता था कि रकम जमा कराने की प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।

आरोप के मुताबिक, 9 लाख रुपये संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में जमा होने के बाद उसके खाते से जुड़े दस्तावेज फिर से अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। RBI में 2000 रुपये की बंद नोटें जमा कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम संबंधित बैंक खाते में पहुंचने की बात कही गई है।

मामले में पुलिस ने RBI के पूर्व कर्मचारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितनी रकम इस तरीके से जमा कराई गई, इसकी जांच की जा रही है।