
अहमदाबाद: गुजरात की अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है। अहमदाबाद की एक स्टार्टअप कंपनी द्वारा विकसित थर्मल इंफ्रारेड अर्थ ऑब्जर्वेशन पेलोड ‘तापस-1’ को 1 अक्टूबर को अमेरिका से अंतरिक्ष में लॉन्च किए जाने की योजना है। इस पेलोड को अमेरिकी कंपनी SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा।
यह तकनीक पृथ्वी की सतह से जुड़ी गर्मी और तापमान में होने वाले बदलावों की निगरानी में मदद कर सकती है। इसके संभावित उपयोग कृषि, भूमि निगरानी और तापमान से जुड़े वैज्ञानिक अध्ययन में किए जा सकते हैं।
500 किलोमीटर की ऊंचाई से पृथ्वी की निगरानी
‘तापस-1’ को पृथ्वी की सतह से लगभग 500 किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में स्थापित किए जाने की योजना है। यह थर्मल इंफ्रारेड सेंसर के जरिए पृथ्वी की सतह से निकलने वाले तापीय विकिरण को रिकॉर्ड करेगा।
सामान्य ऑप्टिकल कैमरों की तुलना में थर्मल इंफ्रारेड तकनीक का एक प्रमुख फायदा यह है कि यह वस्तुओं से निकलने वाली गर्मी और तापमान से जुड़ी जानकारी को रिकॉर्ड कर सकती है।
इससे जमीन, फसल और विभिन्न क्षेत्रों में तापमान के अंतर से संबंधित आंकड़े प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
सिर्फ 12 महीने में तैयार हुआ ‘तापस-1’
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद की स्टार्टअप टीम ने इस पेलोड को स्वदेशी तकनीक के आधार पर लगभग 12 महीने में तैयार किया है।
‘तापस-1’ का मिशन लगभग 3 वर्षों तक संचालित करनेનું लक्ष्य રાખવામાં આવ્યું છે। इस दौरान इससे प्राप्त थर्मल डेटा का उपयोग पृथ्वी की सतह पर होने वाले तापमान संबंधी बदलावों के अध्ययन के लिए किया जा सकता है।
विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में इस तरह के आंकड़े उपयोगी हो सकते हैं, क्योंकि तापीय जानकारी के जरिए फसल और मिट्टी की स्थिति को समझने में वैज्ञानिकों को अतिरिक्त डेटा मिल सकता है।
सिर्फ 3 किलो वजन, लेकिन हाई-टेक सेंसर
‘तापस-1’ का वजन लगभग 3 किलोग्राम बताया गया है। आकार और वजन में छोटा होने के बावजूद इसमें पृथ्वी से निकलने वाले थर्मल इंफ्रारेड विकिरण को रिकॉर्ड करने की क्षमता विकसित की गई है।
इस तकनीक को आसान भाषा में पृथ्वी के एक तरह के ‘थर्मामीटर’ के रूप में समझा जा सकता है। हालांकि, यह पारंपरिक थर्मामीटर की तरह किसी एक स्थान का तापमान सीधे नहीं मापेगा, बल्कि थर्मल इंफ्रारेड डेटा के जरिए पृथ्वी की सतह से जुड़ी तापीय जानकारी उपलब्ध कराएगा।
AI की मदद से थर्मल डेटा का होगा विश्लेषण
‘तापस-1’ से प्राप्त थर्मल इंफ्रारेड डेटा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक की मदद से विश्लेषित किया जा सकता है।
इससे पृथ्वी की सतह पर अलग-अलग क्षेत्रों में गर्मी और तापमान के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी। कृषि के अलावा भूमि उपयोग, पर्यावरणीय निगरानी और तापमान से जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में भी ऐसे डेटा का उपयोग किया जा सकता है।
गुजरात के स्पेस-टेक स्टार्टअप के लिए महत्वपूर्ण कदम
अहमदाबाद की स्टार्टअप कंपनी द्वारा विकसित इस पेलोड का अंतरिक्ष में पहुंचना गुजरात के उभरते स्पेस-टेक इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
यदि ‘तापस-1’ निर्धारित योजना के अनुसार सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित होता है और लंबे समय तक उपयोगी डेटा उपलब्ध कराता है, तो इससे छोटे भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप्स द्वारा विकसित उन्नत सेंसर और अर्थ-ऑब्जर्वेशन तकनीकों की क्षमता को प्रदर्शित करने में मदद मिल सकती है।



