भावनगर लठ्ठाकांड: सस्ता शराब और ज्यादा नशे का लालच बना जानलेवा, मास्टरमाइंड समेत 13 गिरफ्तार, 3 राज्यों में जांच

Bhavnagar Lathakand: भावनगर में रॉयल स्टैग ब्रांड की नकली विदेशी शराब बनाकर बेचने वाले रैकेट से जुड़े जहरीले शराबकांड ने पूरे गुजरात में हड़कंप मचा दिया है। जहरीली शराब पीने से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 31 से अधिक मरीज भावनगर की सर टी. अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने जांच तेज कर दी है।

3 राज्यों तक पहुंची जांच

इस जहरीली शराबकांड के तार अब गुजरात से बाहर भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें अहमदाबाद, कच्छ, सूरत के अलावा दिल्ली और मध्य प्रदेश में जांच कर रही हैं।

जांच में सामने आया है कि नकली शराब के लिए इस्तेमाल होने वाली बोतलें, सीलिंग मशीन और स्टिकर दिल्ली से सप्लाई किए जाते थे। इसके बाद एक टीम दिल्ली पहुंची है। वहीं, जहरीली शराब तैयार करने वाले मुख्य कारीगर मध्य प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद वहां भी छापेमारी की जा रही है।

उज्जैन से पकड़ा गया मास्टरमाइंड

पूरे रैकेट के कथित मास्टरमाइंड रईस के मध्य प्रदेश के उज्जैन भाग जाने की जानकारी मिलने के बाद SMC ने उसे देर रात हिरासत में लेकर भावनगर पहुंचाया।

बताया गया है कि रईस पिछले डेढ़ से दो महीने से भावनगर के अलावा कच्छ के भचाऊ और गुजरात के अन्य इलाकों में सक्रिय था। वरतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के आधार पर सप्लाई चेन से जुड़े 14 लोगों में से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 31 अगस्त तक 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।

केमिकल में करीब 38% मेथनॉल मिला

पुलिस और फोरेंसिक जांच में जहरीली शराब को लेकर गंभीर जानकारी सामने आई है। जांच के अनुसार आरोपियों ने सस्ता पड़ने और तेजी से नशा चढ़ाने के लिए जहरीले मेथनॉल का इस्तेमाल किया।

लैब जांच में लिए गए सैंपल में करीब 38% मेथनॉल पाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली से चांगोदर होते हुए यह केमिकल भावनगर तक कैसे पहुंचा। इसके लिए परिवहन बिल्टी समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

मुख्य सूत्रधार गौतम सोलंकी और सबूत मिटाने की कोशिश

भावनगर के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे गौतम सोलंकी के खिलाफ पहले भी शराब से जुड़े छह मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने गौतम के घर और उसके ससुर के घर से जहरीली शराब तथा नकली शराब की 23 पेटियां बरामद कर नष्ट की हैं। आरोपियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा सबूत जलाकर नष्ट करने की कोशिश किए जाने के आरोप में पुलिस ने मामले में सबूत मिटाने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं।

PI समेत कई पुलिसकर्मी निलंबित

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। ड्यूटी में गंभीर लापरवाही के आरोप में LCB PI मधुरध्वजसिंह सरवैया, वरतेज PI एस.बी. पढ़ेरिया, वरतेज पुलिस स्टेशन के चार पुलिसकर्मियों और नीलमबाग पुलिस स्टेशन की महिला पुलिसकर्मी उषाबेन भीमाणी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

शिक्षक की मौत, पोस्टमार्टम नहीं कराने पर भी कार्रवाई

जांच के दौरान भावनगर के विठ्ठलनगर इलाके में रहने वाले राजपरा प्राथमिक स्कूल के शिक्षक हितेशभाई परमार के फ्लैट से उनका शव और शराब की आधी बोतल मिलने की जानकारी सामने आई।

वहीं, नकली शराब तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश से बुलाए गए नरेंद्र उर्फ ‘डॉक्टर’ की भी शराब पीने से मौत हो गई। आरोप है कि भावनगर में पोस्टमार्टम कराए बिना ही उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में संबंधित कांस्टेबल को भी निलंबित किया गया है।

वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से किया इनकार

जहरीली शराबकांड के गंभीर सामाजिक प्रभाव को देखते हुए भावनगर बार एसोसिएशन और स्थानीय वकीलों ने भी बड़ा फैसला लिया है। बार एसोसिएशन और स्थानीय वकीलों ने आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है।