चीन के ‘नंबर-2’ नेता कै कैई नई दिल्ली में, जानिए शी जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद और रहस्यमयी सहयोगी के बारे में

Cai Qi India Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भारत पहुंचे कै कैई (Cai Qi) इस समय वैश्विक कूटनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। चीन के सत्ता तंत्र में बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले कै कैई पहली बार भारत आए हैं। उनकी मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और चीन 2020 के सीमा तनाव के बाद अपने संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।

शी जिनपिंग के भारत दौरे के प्रतिनिधिमंडल में कै कैई के साथ चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं। करीब सात साल के अंतराल के बाद शी जिनपिंग भारत पहुंचे हैं और उनके साथ कै कैई की मौजूदगी को बीजिंग की प्राथमिकताओं के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

कौन हैं कै कैई?

कै कैई चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य हैं। यह चीन के सबसे शक्तिशाली निर्णय लेने वाले राजनीतिक निकायों में से एक है।

पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी सार्वजनिक मौजूदगी तेजी से बढ़ी है। वह पिछले वर्ष तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे।

इसके अलावा, 2025 में दक्षिण कोरिया में शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान भी कै कैई नजर आए थे। इस वर्ष जब ट्रंप चीन पहुंचे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति से हाथ मिलाने वाले शुरुआती चीनी अधिकारियों में कै कैई शामिल थे।

बेहद तेजी से बढ़ा राजनीतिक कद

कै कैई का राजनीतिक उत्थान चीन की राजनीति में असाधारण रूप से तेज माना जाता है। 2017 में उन्हें सीधे पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया। इससे कुछ ही समय पहले उन्हें बीजिंग कम्युनिस्ट पार्टी का प्रमुख बनाया गया था।

बीजिंग पार्टी प्रमुख का पद चीन की राजधानी में सबसे प्रभावशाली प्रशासनिक पदों में से एक माना जाता है। सामान्य तौर पर इस स्तर तक पहुंचने में लंबा राजनीतिक अनुभव लगता है, लेकिन कै कैई ने अपेक्षाकृत कम समय में सत्ता के शीर्ष स्तर पर जगह बना ली।

इसके बाद 2022 में वह सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थायी समिति में शामिल हुए और चीन के सत्ता तंत्र के सबसे ऊपरी स्तर तक पहुंच गए।

शी जिनपिंग के सबसे करीबी सहयोगियों में क्यों गिने जाते हैं?

कै कैई और शी जिनपिंग के बीच संबंध काफी पुराने हैं। दोनों ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में फुजियान और झेजियांग जैसे तटीय प्रांतों में लंबे समय तक काम किया। इसी दौरान दोनों के बीच राजनीतिक विश्वास और करीबी संबंध विकसित हुए।

कै कैई वर्तमान में कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल ऑफिस के प्रमुख भी हैं। यह कार्यालय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और समन्वय संबंधी कार्यों को संभालता है। इसके अलावा, उन्हें पार्टी की केंद्रीय विचारधारा स्कूल की जिम्मेदारी भी दी गई है, जहां पार्टी के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है और राजनीतिक विचारधारा से जुड़े कार्यक्रम संचालित होते हैं।

इन जिम्मेदारियों के कारण कै कैई को शी जिनपिंग के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है।

कभी सोशल मीडिया पर ‘अंकल कै’ के नाम से थे लोकप्रिय

कै कैई का राजनीतिक सफर हमेशा इतना कठोर और बंद नहीं रहा। अपने करियर के शुरुआती दौर में वह सोशल मीडिया मंच वेइबो पर काफी सक्रिय रहते थे।

वह आम लोगों की समस्याओं पर प्रतिक्रिया देते थे और इसी वजह से उन्हें ‘अंकल कै’ के उपनाम से लोकप्रियता मिली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उस समय वह अपेक्षाकृत खुले संवाद और पारदर्शिता के समर्थक माने जाते थे।

लेकिन 2014 के बाद उनके राजनीतिक व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखाई दिया। केंद्रीय पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने अपना वेइबो खाता बंद कर दिया और सार्वजनिक रूप से उनकी मौजूदगी भी सीमित हो गई।

‘अंकल कै’ से सख्त प्रशासक तक

बीजिंग में सत्ता संभालने के बाद कै कैई ने अधिक कठोर प्रशासनिक रुख अपनाया। उनके कुछ भाषणों में अधिकारियों से कठिन परिस्थितियों में सख्त फैसले लेने और विरोध का सामना करने का आह्वान किया गया।

उनके इस रवैये की आलोचना भी हुई और कुछ मौकों पर उनके खिलाफ विरोध तथा इस्तीफे की मांग तक उठी।

आज पार्टी में उनकी भूमिका मुख्य रूप से नीतियों के क्रियान्वयन और शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों को लागू कराने से जुड़ी मानी जाती है। वह साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शीर्ष संस्थानों में जिम्मेदारी रखते हैं।

चीन की सत्ता में कै कैई की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण?

चीन की राजनीतिक व्यवस्था में सत्ता के शीर्ष स्तर पर होने वाली आंतरिक प्रक्रियाओं के बारे में सार्वजनिक जानकारी सीमित रहती है। ऐसे में कै कैई की लगातार बढ़ती भूमिका ने चीन की सत्ता संरचना को समझने वाले विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है।

उनके पास पार्टी संगठन, विचारधारा, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व हैं। यही वजह है कि उन्हें शी जिनपिंग के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माना जाता है।

भारत दौरे पर क्यों है खास नजर?

कै कैई का भारत दौरा ऐसे समय हुआ है जब नई दिल्ली और बीजिंग के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के साथ कै कैई की मौजूदगी पर भी नजर रहेगी। उनकी भूमिका सीधे सार्वजनिक बयानों से ज्यादा पर्दे के पीछे राजनीतिक समन्वय और शीर्ष नेतृत्व के निर्णयों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

आने वाले समय में भारत-चीन संबंध किस दिशा में जाते हैं, इस पर कै कैई जैसे शीर्ष चीनी नेताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।